पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को मिली जमानत, आज आएंगे जेल से बाहर

    पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को मिली जमानत, आज आएंगे जेल से बाहर

    रांची(RANCHI): मनी लॉन्ड्रिंग और बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दोनों आरोपी पिछले 23 महीनों से रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार) में बंद हैं. अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बावजूद, मंगलवार को आदेश की प्रति पोर्टल पर अपलोड न हो पाने के कारण उनकी रिहाई टल गई थी. अब बुधवार को कानूनी औपचारिकताएं और बंध पत्र (बेल बॉन्ड) भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद है.

    यह मामला मई 2024 में तब सुर्खियों में आया था जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची में व्यापक छापेमारी की थी. इस कार्रवाई के दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से लगभग 32.2 करोड़ रुपये की भारी नकदी बरामद हुई थी. इसके अलावा संजीव लाल के घर और कार्यालय से भी लाखों रुपये और एक संदिग्ध डायरी मिली थी. निचली अदालत और हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद, जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था, जहां लंबी सुनवाई के बाद अब उन्हें नियमित जमानत प्रदान की गई है.

    जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे घोटाले का केंद्र सरकारी टेंडर्स में वसूला जाने वाला कमीशन था. ईडी का दावा है कि ठेकेदारों को कुल परियोजना लागत का लगभग 3% कमीशन देना पड़ता था. इस अवैध वसूली का एक बड़ा हिस्सा (करीब 1.35%) कथित तौर पर संजीव लाल के माध्यम से तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम तक पहुँचता था. बाकी की राशि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों के बीच बांटी जाती थी.



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