कोयलांचल में पहली बार किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि के ठिकानों पर आयकर की दबिश, जानिए समर्थक क्यों हुए आक्रोशित 

    कोयलांचल में पहली बार किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि के ठिकानों पर आयकर की दबिश, जानिए समर्थक क्यों हुए आक्रोशित 

    धनबाद(DHANBAD): आयकर छापेमारी की वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन कोयलांचल के 100 साल के इतिहास में पहली बार किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि के ठिकानों पर आयकर की छापेमारी हुई है.  जी हां, हम बात कर रहे हैं बेरमो विधायक अनूप सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की. शुक्रवार से ही उनके बेरमो आवास सहित अन्य जगहों पर रेड चल रहा है. अनूप सिंह पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन के बाद खाली हुए सीट से चुनाव लड़ कर विधायक बने है.  फिलहाल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके काफी नजदीकी रिश्ते बताए जाते है. कथित ऑपरेशन लोटस को विफल करने में भी अनूप सिंह की भूमिका चर्चे में थी. बहरहाल बेरमो के कोयला कारोबारी  के ठिकानों को भी आयकर की टीम खंगाल  रही है.  यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि कोयलांचल में  राजनीति करने वाला, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो, अधिकांश लोग प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से कोयले के धंधे से जुड़े होते है.  

    छापेमारी के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म 

    आयकर टीम को अभी तक क्या-क्या हाथ लगे हैं, इसकी अधिकृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है. अनूप सिंह के पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह बेरमो से लेकर धनबाद तक की राजनीति में अच्छी पकड़ रखते थे. उनके विरोधी भी उनका सम्मान करते थे. तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री पंडित बिंदेश्वरी दुबे के साथ उनके काफी करीबी रिश्ते रहे. कहा तो यह भी जाता था कि पंडित बिंदेश्वरी दुबे के सबसे विश्वासपात्र राजेंद्र बाबू ही थे.  लेकिन विवादों से उनका कोई नाता नहीं रहा.  वह कभी किसी विवाद में पढ़े ही नहीं. बेरमो में सीसीएल की नौकरी छोड़कर मजदूर राजनीति में आए राजेंद्र बाबू बेदाग रहते हुए सफलता की कई ऊंचाइयों को छूआ ,कई बार मंत्री बने. राष्ट्रीय कोलियरी  मजदूर संघ मैं उनकी अच्छी पकड़ थी. उनकी गिनती संस्थापकों में होती थी.  

    अब तो राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन बन गई है 

    इधर, अनूप सिंह ने राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ से अलग होकर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन बना ली है. खैर शुक्रवार को विधायक अनूप सिंह के बेरमो स्थित आवास पर छापेमारी की सूचना के बाद काफी संख्या में उनके समर्थक घर के बहार जुट गए. धरना दिया, नारेबाजी की, हंगामा इतना अधिक होने लगा कि अनूप सिंह की मां को भीतर से ही समर्थकों को यह कह कर शांत करना  पड़ा कि  राजेंद्र बाबू की प्रतिमा और ईश्वर सब कुछ देख रहे है. आयकर टीम को कुछ नहीं मिलेगा.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद 


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