रांची(RANCHI):झारखंड में उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में JSSC और रांची पुलिस ने जॉइन्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें दावा किया गया की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है. कुछ सॉल्वर गैंग के लोगों ने उत्पाद सिपाही के अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बनाया गया है. और एक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये की ठगी करने की योजना थी.जैसा पूर्व में JSSC CGL में किया गया था. साथ ही पाँच शातिर सॉल्वर गैंग के सदस्य के साथ उन अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि झारखंड में उत्पाद सिपाही की परीक्षा कदाचार मुक्त सम्पन्न हुई है. बीच में खबरे सामने आई थी की परीक्षा का पेपर लीक हुआ. लेकिन जांच में यह साफ हुआ है कि प्रश्न पत्र लीक का कोई प्रमाण नहीं मिला है. कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों को गुमराह किया और उनसे पैसे की ठगी की है. एक अभ्यर्थी से 15 लाख रुपये तक की ठगी प्रश्न पत्र देने के नाम पर लिया गया. अब JSSC ऐसे सभी अभ्यर्थी को आजीवन के लिए डिबार किया जाएगा. आने वाले परीक्षा में भी उन्हे बैठने नहीं दिया जाएगा.
वहीं रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी की कुछ लोग पेपर लीक करने का दावा कर तमाड़ थाना क्षेत्र में सक्रिय है. प्रश्न पत्र रटवाने का काम किया जा रहा है. सूचना के बाद रांची के कई थाना की पुलिस ने जॉइन्ट ऑपरेशन किया. जिसमें तमाड़ के एक भवन से 159 अभ्यर्थी को हिरासत में लिया गया. साथ ही इसमें पाँच सॉल्वर गैंग के लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. सभी पर कार्रवाई की जा रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र रटवाया जा रहा था. लेकिन जब प्रश्न पत्र की जांच की गई. तो इसमें कही भी आज के प्रश्न मैच नहीं हुए है.
Thenewspost - Jharkhand
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