22 लोगों की मौत के बाद भी बेखौफ दंतैल, 3 दिनों से ट्रैकिंग ड्रोन फेल, 30 गांवों में दहशत का साया

    22 लोगों की मौत के बाद भी बेखौफ दंतैल, 3 दिनों से ट्रैकिंग ड्रोन फेल, 30 गांवों में दहशत का साया

    सिंहभूम (SINGHBHUM): पश्चिमी सिंहभूम जिला और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में एक आक्रामक दंतैल हाथी पिछले 11 दिनों से आतंक का पर्याय बना हुआ है. अब तक हाथी के हमलों में 22 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे पूरा इलाका भय और तनाव के माहौल में है. हालात इतने गंभीर हैं कि झारखंड और ओडिशा के संयुक्त वन विभाग, विशेषज्ञ टीम और आधुनिक ड्रोन तकनीक के बावजूद हाथी को ट्रैक नहीं किया जा सका है. बीते 72 घंटे से सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन दंतैल अब भी नजर नहीं आ रहा है.

    वन विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मझगांव प्रखंड के बेनीसागर इलाके में हाथी करीब 12 घंटे तक एक ही स्थान पर रुका रहा. उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने की तैयारी भी की गई, लेकिन घने जंगल और तकनीकी बाधाओं के कारण ऑपरेशन सफल नहीं हो सका. इसी दौरान हाथी ओडिशा सीमा की ओर काजू बागानों में चला गया, जिसके बाद उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पाई है.

    फिलहाल नोवामुंडी क्षेत्र में विशेषज्ञों की टीम कैंप कर हाथी की संभावित गतिविधियों पर नजर रख रही है. ड्रोन से जंगल और सीमावर्ती इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है, लेकिन हाथी के जंगल के भीतर छिपे होने की आशंका जताई जा रही है.

    बेनीसागर, खड़पोस और आसपास के गांवों में ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है. लोग रात में अकेले घरों में सोने से बच रहे हैं. कई गांवों में 15 से 20 लोग एक ही पक्के मकान में रात बिता रहे हैं. महिलाएं और बच्चे सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं, जबकि पुरुष मशाल और टॉर्च लेकर पहरेदारी कर रहे हैं.

    वन विभाग ने ओडिशा सीमा से सटे करीब 30 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा है. डीएफओ आदित्य नारायण ने बताया कि अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है. विभाग ने ग्रामीणों से कहा है कि रात में बाहर न निकलें, जंगल की ओर न जाएं और हाथी को देखकर वीडियो या सेल्फी लेने की कोशिश न करें. जैसे ही हाथी की सही लोकेशन मिलेगी, उसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news