भीषण गर्मी में बिजली ने छोड़ा साथ, कोल्हान में रोज 3-4 घंटे की लोड शेडिंग से हाहाकार

    भीषण गर्मी में बिजली ने छोड़ा साथ, कोल्हान में रोज 3-4 घंटे की लोड शेडिंग से हाहाकार

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, इसी बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है. बिजली विभाग भले ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है. कोल्हान के तीनों जिले पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम में शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तक लोड शेडिंग की जा रही है. कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना के बार-बार बिजली कटने से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. अनियमित बिजली कटने का कारण पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है. इससे लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी चिंताजनक है. कई गांवों में रातभर बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं. गर्मी के कारण लोगों की रातें जागकर कट रही हैं. जमशेदपुर शहर के मानगो, कदमा, सोनारी, जुगसलाई, परसुडीह, बागबेड़ा समेत अन्य इलाकों में तीन से 4 घंटे की लोड शेडिंग हो रही है. लोग बिजली विभाग से 24 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे है. 

    औद्योगिक इकाइयों पर पड़ रहा असर
    कोल्हान में बिजली संकट का असर औद्योगिक इकाइयों पर भी पड़ने लगा है. बार-बार बिजली बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे उद्योग संचालकों की चिंता बढ़ गई है. बिजली की कटौती के कारण आदित्यपुर में 80 से अधिक औद्योगिक इकाइयां प्रभावित हुई है. जमशेदपुर में भी कई छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां प्रभावित हो रही है. बार-बार हो रही बिजली की कटौती के कारण मशीनें ठीक से चल नहीं पा रही है. इसके कारण उत्पादन में गिरावट आई है. विभिन्न कंपनिया अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रही है. हालांकि बिजली विभाग मांग के अनुसार बिजली देने का दावा कर रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. कारोबारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और औद्योगिक गतिविधियां भी सुचारु रूप से चलती रहें.

    कोल्हान में बिजली की मांग बढ़ी
    कोल्हान में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है. बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इससे वितरण व्यवस्था पर भारी दबाव बन गया है. पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जिलों में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है. घरों, दुकानों, कार्यालयों और उद्योगों में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के लगातार इस्तेमाल से बिजली की खपत में अचानक उछाल आया है. बढ़ी हुई मांग के कारण कई इलाकों में फीडरों और सब-स्टेशनों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है. इसके चलते बार-बार तकनीकी खराबी, ट्रिपिंग और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं. कोल्हान में बिजली की मांग 700 मेगावाट तक पहुंच गई है. इससे पहले मई में 500 से 600 मेगावाट तक खपत होती थी. लेकिन इस बार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की 100 मेगावाट अतिरिक्त लोड ने बिजली आपूर्ति को प्रभावित किया है. कई सब-स्टेशन, फीडर और ग्रिड स्टेशनों पर ओवरलोडिंग की स्थिति है.

    पूर्व सीएम ने सीएम को लिखा पत्र
    राज्य के पूर्व सीएम रघुवर दास ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बिजली को लेकर एक पत्र लिखा हैं. कोल्हान के अलावा पूरे राज्य में लगातार बिगड़ रही बिजली व्यवस्था को लेकर यह पत्र लिखा गया है . रघुवर दास ने राज्य की चरमराई विद्युत व्यवस्था, अनियमित आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या पर गंभीर चिंता जताई है. रघुवर दास का कहना है कि  भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता घंटों बिजली कटौती से परेशान है.  इसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है.

     



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