दुमका:अभद्र व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठे PGMCH के डॉक्टर, ओपीडी सेवा बंद, पढ़ें होली के दिन क्या हुआ था   

    दुमका:अभद्र व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठे PGMCH के डॉक्टर, ओपीडी सेवा बंद, पढ़ें होली के दिन क्या हुआ था   

    दुमका(DUMKA):डॉक्टर को पृथ्वी का भगवान माना जाता है, इसके बावजूद समय-समय पर डॉक्टर के साथ बदसलूकी के मामले सामने आते रहते है. ऐसा ही कुछ हुआ था होली के समय दुमका के फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जब मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के साथ बदसलूकी की थी.घटना के विरोध में शुक्रवार से फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने अनिश्चितकालीन ओपीडी कार्य बहिष्कार कर दिया.  

    चिकित्सक के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा अभद्र व्यवहार और धक्का मुक्की किया गया था

      घटना के बारे में बताया जा रहा है कि फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 25 औऱ 26 मार्च 2024 को आपातकालीन सेवा में तैनात चिकित्सक के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा इलाज कराने के दौरान अभद्र व्यवहार और धक्का मुक्की किया गया था.इस मामले में अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं होने के विरोध में पीजीएमसीएच के डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन ओपीडी कार्य का बहिष्कार कर दिया.डॉक्टरों की मांग है कि जब घटना हुई उसके बाद डॉक्टर को आश्वासन दिया गया था की कार्रवाई की जाएगी लेकिन 15 दिन भी बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसको देखते हुए डॉक्टर ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर ओपीडी सेवा बंद कर दिया. सभी डॉक्टर मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए हैं.  

    ओपीडी सेवा का बहिष्कार से आम मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

       डॉक्टर द्वारा ओपीडी सेवा का बहिष्कार से आम मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह से ओपीडी में दिखाने के लिए सैकड़ो मैरिज पहुंचे हुए थे जहां डॉक्टर उन्हें इमरजेंसी सेवा में भेजते हुए ओपीडी सेवा बंद कर दिया.डॉक्टर ने मांग किया है कि उन्हें सुरक्षा व्यवस्था मुहईया कराया जाए, क्योंकि होमगार्ड के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था दी जाती है जो ठीक नहीं है. पुलिस फोर्स के माध्यम से  सुरक्षा व्यवस्था दी जाए ताकि वह मरीज का इलाज सही ढंग से कर सके.  

    पुलिस फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची 

     सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची.पुलिस द्वारा चिकित्सकों को सुरक्षा देने का भरोसा दिया गया, उसके बाद डॉक्टर ने कार्य बहिष्कार की घोषणा वापस ले ली. इस दौरान लगभग 2 घंटे तक ओपीडी सेवा बाधित रही, जिस वजह से मरीज और उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा.  

    रिपोर्ट-पंचम झा 


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