दुमका: खेल कोई भी हो अनुशासन में रहना सिखाता है. खेल में अनुशासनहीनता का कोई स्थान नहीं है. इसे साबित किया है दुमका जिला क्रिकेट संघ ने. संघ द्वारा एक प्रेस रिलीज जारी किया गया. रिलीज में बताया गया कि वीणा मेमोरियल ए डिविजन टूर्नामेंट के फाइनल मैच के दौरान अनुशासनहीनता का बड़ा मामला सामने आया, जिसने पूरे खेल माहौल को प्रभावित कर दिया. आयोजन के दौरान एक व्यक्ति द्वारा अमर्यादित व्यवहार से क्रिकेट की गरिमा को ठेस पहुंची.
शराब के नशे में पदाधिकारियों पर की अभद्र टिप्पणी
जिला क्रिकेट संघ के अनुसार, दुधानी निवासी विनय कुमार ने मैच के दौरान कथित रूप से शराब के नशे में सह सचिव बिश्वजीत चटर्जी और सहायक सचिव दिवाकर शर्मा पर लगातार अभद्र टिप्पणियां कीं. हैरानी की बात यह रही कि विनय कुमार किसी भी टीम का खिलाड़ी नहीं था, इसके बावजूद पूरे मैच के दौरान उसने माहौल खराब करने का प्रयास किया.
समझाने पर भी नहीं माना, बढ़ी गंभीरता
मैच समाप्त होने के बाद संघ के कन्वेनर डॉ. तुषार ज्योति ने स्थिति संभालने और विनय कुमार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनके साथ भी अमर्यादित व्यवहार किया. इस घटना से मैदान का वातावरण पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया.
जिला क्रिकेट संघ का कड़ा फैसला, आजीवन प्रतिबंध
घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला क्रिकेट संघ, दुमका ने सख्त रुख अपनाया और विनय कुमार पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया. संघ के सभी सदस्यों ने इस निर्णय पर सहमति जताई और स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन पर कप्तान से भी जवाब तलब
फाइनल में खेल रही जूनियर कैंप टीम के कप्तान विक्की कुमार से भी मैच के दौरान बार-बार कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, जिससे साफ है कि संघ अब अनुशासन के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतने वाला.
संदेश साफ: खेल की गरिमा से समझौता नहीं
संघ के अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारी और आगामी DPL सीजन-2 के टीम ओनर्स ने भी घटना को गंभीर मानते हुए एकमत से निर्णय लिया कि ऐसे अनुशासनहीन लोगों को खेल और मैदान से दूर रखना ही जरूरी है.
JSCA और प्रशासन को दी गई जानकारी
जिला क्रिकेट संघ ने अपने फैसले की जानकारी झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) और स्थानीय प्रशासन को भी दे दी है, ताकि भविष्य में नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
दुमका क्रिकेट संघ द्वारा यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि खेल में प्रतिभा से ज्यादा जरूरी अनुशासन है, और इसकी अनदेखी करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं.
रिपोर्ट: पंचम झा
Thenewspost - Jharkhand
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