ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह : बाघमारा अब कैसे बनेगा राजनीति का नया अखाडा ,अगले चुनाव में क्या होगा !

    ढुल्लू महतो vs संजीव सिंह : बाघमारा अब कैसे बनेगा राजनीति का नया अखाडा ,अगले चुनाव में क्या होगा !

    धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में सांसद ढुल्लू महतो  और मेयर संजीव सिंह के बीच छिड़ी "अघोषित जंग "अब बाघमारा पर आ गई है.  सिंह मेंशन की सक्रियता बाघमारा में बढ़ गई है.  कई स्तर पर यह  सक्रियता देखी जा रही है.  बाघमारा से सटे  लोयाबाद  के रहने वाले अरुण चौहान को पहले डिप्टी मेयर बनाया गया.  फिर जनता  जनता मजदूर संघ के महामंत्री और संजीव सिंह के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम अभी हाल ही में लोयाबाद में चर्चित राम -रहीम के दफ्तर पहुंचे थे.  वहां राजनीतिक बातचीत हुई. राम -रहीम सांसद के विरोधी बताये जाते हैं.  

    सिद्धार्थ गौतम शुक्रवार को बाघमारा के डुमरा पहुंचे थे 

    उसके बाद जानकारी निकल कर आई है कि सिद्धार्थ गौतम शुक्रवार को बाघमारा के डुमरा में जनता मजदूर संघ की एक बैठक की.  इस बैठक की खासियत यह है कि सिद्धार्थ गौतम ने बाघमारा को अब अपनी "कर्मभूमि" बनाने का संकेत दिया।  उन्होंने कहा कि यहां की जनता की सेवा के लिए वह हमेशा सक्रिय रहेंगे।  उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के चुनाव परिणाम से समर्थक उत्साहित हैं.  बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर निगम के सभी सात  वार्डों में संजीव सिंह को बढ़त मिली है.  उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की मांग और उत्साह को देखते हुए आगामी बाघमारा विधानसभा चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं.  

    बाघमारा में जनता मजदूर संघ बनेगा नंबर वन 

    उन्होंने यह भी  कहा कि बरोरा  और ब्लॉक दो क्षेत्र के 65% मजदूर जनता मजदूर संघ की सदस्यता ग्रहण की है.  जो एक बड़ी उपलब्धि है.  उन्होंने इस इलाके में यूनियन को नंबर वन बनाने की कोशिश करने की बात भी कही है.  चार लेबर कोड  पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की.  उल्लेखनीय है कि धनबाद की राजनीति "लट्टू" की तरह घूम रही है.  मेयर चुनाव के पहले यह  राजनीति संक्रमण काल में थी, लेकिन उसके बाद राजनीति का पहिया लगातार घूम रहा है.  सिंह मेंशन राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. 
     
    सांसद ढुल्लू महतो  और मेयर संजीव सिंह के बीच की तल्खी  जगजाहिर
     
    सांसद ढुल्लू महतो  और मेयर संजीव सिंह के बीच की तल्खी अब जग जाहिर हो गई है.  आरोप  तो यह है कि 6 अप्रैल को धनबाद मुंबई ट्रेन को हरी झंडी दिखाने  के कार्यक्रम में सांसद ढुल्लू  महतो के दबाव में ही मेयर और झरिया विधायक को पहले आमंत्रित किया गया, फिर आने से मना कर दिया गया.  इस  विवाद के  बाद तो रेल अधिकारी सिंह मेंशन पहुंचे और अपनी बातों को रखा.  हालांकि इससे  बात नहीं बनी।  वैसे सांसद ढुल्लू महतो ने बोकारो में इन आरोपों से अपने को किनारा कर लिया और कहा कि किसी को बुलाने और नहीं बुलाने का अधिकार तो रेलवे को है.  संजीव सिंह और रागिनी सिंह को आने से क्यों मना किया गया, इसका जवाब रेल अधिकारी ही दे पाएंगे। 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

     



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