राष्ट्रपति पद संभालने के बाद द्रौपदी मुर्मू का पहला जमशेदपुर दौरा, ओलचिकी शताब्दी और NIT दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल, जानिए पूरा शेड्यूल


जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पहली बार राष्ट्रपति बनने के बाद जमशेदपुर के दौरे पर आ रही हैं. वे सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर सेना के हेलीकॉप्टर से सोनारी एयरपोर्ट पहुंचेंगी. इस दौरान वे करीब साढ़े पांच घंटे तक जमशेदपुर में रहेंगी. उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी मौजूद रहेंगे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करनडीह स्थित जाहेरथान में आयोजित ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह में शामिल होंगी. इसके बाद वे आदित्यपुर स्थित एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी. सभी कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति दोपहर 3 बजकर 40 मिनट पर सोनारी एयरपोर्ट से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी.
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जमशेदपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. जिन मार्गों से राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा, वहां सभी बाइलेन ड्रॉप गेट से बंद कर दिए गए हैं. इस दौरान आम वाहनों और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी. सोनारी एयरपोर्ट से करनडीह जाहेरथान तक 10 सेक्टर बनाए गए हैं, जहां 135 दंडाधिकारी, 57 पुलिस अधिकारी और करीब 1575 जवानों की तैनाती की गई है.
करनडीह में कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर सर्किट हाउस पहुंचेंगी. वहां भोजन और विश्राम के बाद दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर एनआईटी आदित्यपुर के दीक्षांत समारोह के लिए रवाना होंगी. राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर शहर को नो फ्लाइ जोन घोषित किया गया है. इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. साथ ही 29 दिसंबर की रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा भी लागू रहेगी.
ओलचिकी लिपि का आविष्कार वर्ष 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू ने किया था. इसी के सौ वर्ष पूरे होने पर करनडीह में शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है. यह कार्यक्रम अखिल भारतीय संताली लेखक संघ और दिशोम जाहेरथान समिति की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है. अखिल भारतीय संताली लेखक संघ के महासचिव रविंद्र मुर्मू के अनुसार राष्ट्रपति पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगी. इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम से सांसद एवं पद्मश्री सम्मानित कालीपद सोरेन भी शामिल होंगे.
गौरतलब है कि द्रौपदी मुर्मू जमशेदपुर आने वाली देश की तीसरी राष्ट्रपति हैं. इससे पहले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भी जमशेदपुर का दौरा कर चुके हैं. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन 4 मई 1966 को जमशेदपुर आए थे और साकची स्थित बोधि टेंपल का उद्घाटन किया था. वहीं राष्ट्रपति बनने के बाद डॉ एपीजे अब्दुल कलाम 13 फरवरी 2004 को जमशेदपुर पहुंचे थे और टाटा स्टील द्वारा आयोजित इंडस्ट्रियल हार्मनी कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
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