धनबाद के विकास के लिए जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने मिलाया हाथ ,जानिए क्या है प्रस्ताव और क्या हुआ निर्णय 

    धनबाद के विकास के लिए जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने मिलाया हाथ ,जानिए क्या है प्रस्ताव और क्या हुआ निर्णय 

    धनबाद(DHANBAD): 1956 में मानभूम  से कट कर धनबाद जिला बना. उसके बाद 1991 में धनबाद के दो टुकड़े हुए.  धनबाद से अलग होकर बोकारो जिला बना.  1971 और 1973 में कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण हुआ. 2023 भी अब समाप्ति की ओर है.  लेकिन इस दौरान धनबाद को जो मिलना चाहिए, क्या वह मिला. यह सवाल बड़ा है.  समय चाहे तत्कालीन बिहार का हो या झारखंड का.  धनबाद आज भी अधिकार के लिए जूझ रहा है. फिलहाल धनबाद के विकास के लिए धनबाद जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने मिलकर काम  करने को ठानी है.  इसके लिए मंगलवार को बीसीसीएल मुख्यालय में कोयला अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक साझा बैठक हुई.  इस बैठक में कई निर्णय लिए गए. ध नबाद का चौमुखी विकास और सौंदर्यीकरण करने, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, क्रिकेट अकादमी, माइनिंग म्यूजियम, माइनिंग टूरिज्म इत्यादि के  निर्माण के लिए उपायुक्त  वरुण रंजन एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी तथा बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक  समीरन दत्ता एवं बीसीसीएल निदेशक मंडल की  बीसीसीएल के हेडक्वार्टर कोयला नगर  में एक बैठक हुई. बैठक में बीसीसीएल के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) मद से धनबाद का सौंदर्यीकरण और चौमुखी विकास करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. चर्चा के दौरान उपायुक्त ने धनबाद में बच्चों के लिए करियर काउंसलिंग के लिए न्यू टाउन हॉल में टॉक सीरीज का आयोजन करने, तीन दिवसीय साइंस कांक्लेव, बेहतर पुलिसिंग के लिए धनबाद पुलिस को 30 मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने, प्लेनेटोरियम का निर्माण करने, माइनिंग म्यूजियम एवं माइनिंग टूरिज्म विकसित करने का प्रस्ताव रखा.

    उपायुक्त ने अगले 15 वर्ष के रोड मैप को विस्तार से बताया 

    इसके अलावा उपायुक्त ने अगले 15 वर्ष के रोड मैप के अनुसार 23 प्रमुख मार्ग पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम स्थापित करने, लुबी सर्कुलर रोड सहित अन्य प्रमुख सड़कों में बेहतरीन लाइटिंग एवं लैंडस्केप विकसित करने, बेकारबांध के राजेंद्र सरोवर में म्यूजिकल फाउंटेन लगाने, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग कोर्ट , प्रमुख चौक चौराहों पर एलइडी डिस्पले बोर्ड, सड़क पर अवैध कट एवं सड़क डिवाइडर को सुदृढ़ करने, बैरिकेडिंग के लिए बैरियर उपलब्ध कराने, जिले के प्रमुख चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण करने, प्रमुख सड़कों पर वेंडिंग जोन एवं पार्किंग स्थल चिन्हित करने, जिले के तालाबों का सौंदर्यीकरण, क्रिकेट अकादमी की स्थापना, मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण का प्रस्ताव दिया.जिला प्रशासन के प्रस्ताव को  स्वीकारते हुए बीसीसीएल के सीएमडी ने कहा कि धनबाद के चौमुखी विकास एवं उत्थान के लिए बीसीसीएल जिला प्रशासन को हर संभव सहयोग करेगा. उन्होंने कहा कोयला उत्पादन करके इस वर्ष बीसीसीएल को अच्छा मुनाफा प्राप्त हुआ है. 

    बीसीसीएल ने सहयोग का दिया भरोसा 

    बीसीसीएल धनबाद का विकास करने के लिए कृत संकल्पित है.  सभी के सहयोग से आगे भी मुनाफा प्राप्त करने की परंपरा कायम रहेगी.  कंपनी को मुनाफा होगा तो कंपनी सीएसआर मद से धनबाद के विकास के लिए अधिक सहयोग करेगी. सीएमडी ने धनबाद पुलिस को शीघ्र तीस मोटरसाइकिल और पर्यावरण के संरक्षण के लिए दो इलेक्ट्रिक बस जिला प्रशासन को मुहैया कराने की स्वीकृति प्रदान की, वहीं अन्य प्रस्ताव का बोर्ड मीटिंग में निर्णय लेने की बात कही. साथ ही कहा कि माइनिंग टूरिज्म के लिए बीसीसीएल ने एना फायर गैलरी विकसित की है, जहां पर्यटक आकर फायर एरिया के साथ माइनिंग एक्टिविटी भी देख सकते है.  इसके अलावा उन्होंने कहा कि पिट वाटर के उपयोग तथा प्रदूषण के रोकथाम तथा बेलगड़िया के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बेलगड़िया के आसपास माइक्रो इकोनॉमिक जॉन विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है.  बैठक में भूमि अधिग्रहण, भूमि हस्तांतरण, भू अर्जन की गई जमीन का म्यूटेशन, अवैध दखल, फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस इत्यादि पर विस्तार से चर्चा की गई.

    बैठक में मौजूद प्रशासनिक और कोयला  अधिकारी 

    बैठक में उपायुक्त  वरुण रंजन, उप विकास आयुक्त  शशि प्रकाश सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी  विकास पालीवाल, अपर समाहर्ता  विनोद कुमार, डीसीएलआर  सतीश चंद्रा, निदेशक डीआरडीए  मुमताज अली अहमद, जिला परिवहन पदाधिकारी  राजेश कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार, डीएलओ  मुजाहिद अंसारी, पीएचइडी एक एवं दो तथा भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, विशेष कार्य पदाधिकारी  सुशांत मुखर्जी, जेआरडीए के महाप्रबंधक सिविल  देवेंद्र महापात्रा के अलावा बीसीसीएल के सीएमडी  समीरन दत्ता, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) उदय अनंत कावले, निदेशक कार्मिक मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक वित्त  राकेश कुमार सिन्हा, निदेशक तकनीकी (प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग)  संजय सिंह के अलावा ब्लॉक टू, गोविंदपुर, सिजुआ, सीवी एरिया सहित अन्य एरिया के महाप्रबंधक व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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