धनबाद(DHANBAD): धनबाद को फिलहाल कुछ नई ट्रेन मिली जरूर हैं. लेकिन पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण गंगा दामोदर ट्रेन के साथ नाइंसाफी हो रही है. गंगा दामोदर ट्रेन धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो की ओर देख रही है. वह जानना चाह रही है कि कब सांसद महोदय की "दृष्टि" उस पर पड़ेगी। धनबाद के लोगों के लंबे संघर्ष के बाद यह ट्रेन मिली थी. उस समय झारखंड, बिहार में ही था. गंगा दामोदर नाम भी इसीलिए पड़ा कि वह धनबाद की दामोदर और पटना की गंगा को जोड़ रही थी. धनबाद से पटना जाने वालों के लिए यह ट्रेन बहुत राहत लेकर आई थो. अभ भी राहत दे रही है.
अब इस ट्रेन के साथ रेलवे नहीं कर रहा उचित वर्ताव
लेकिन फिलहाल इस ट्रेन के साथ रेलवे न्याय नहीं कर रहा है. गंगा दामोदर से यात्रा करने वाले यात्री सिर्फ गंदगी की ही शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह भी कह रहे हैं कि इस ट्रेन के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. तत्काल की बात छोड़ भी दी जाये , तो यह ट्रेन लेट चलती आ रही है. फिलहाल तो गंगा दामोदर पर दो तरफ का दबाव है. एक तो गया स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग के कार्य के कारण पिछले चार सप्ताह से गंगा दामोदर बदले रूट से चल रही है. दूसरी तरफ देरी से पटना पहुंचने के बावजूद ट्रेन की रैक को हर दिन पटना- दुमका एक्सप्रेस बनाकर दुमका भेजा जाता है. देरी से दुमका पहुंचने के कारण हर दिन ट्रेन को वापस पटना लौटने में विलंब होता है. दुमका -पटना एक्सप्रेस के पहुंचने के बाद इस रैक को गंगा -दामोदर बना कर धनबाद भेजा जाता है.
दामोदर एक्सप्रेस की रैक व्यवस्था के कारण हो रही परेशानी
दरअसल, यात्रियों का कहना है की गंगा दामोदर एक्सप्रेस की रैक व्यवस्था के कारण देरी से चलना इस ट्रेन के लिए रोज की बात हो गई है. यह ट्रेन हालांकि आज ही तक बदले रूट से चलेगी, देखना होगा कि आगे इसमें सुधार होता है या नहीं। वैसे भी ट्रेन परिवर्तित मार्ग से नहीं भी चलती थी , तो दुमका से लौटने में अक्सर ट्रेन को देरी हो जाती है. यहां यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि रेलवे ने पहले गंगा दामोदर की रैक को जमशेदपुर तक विस्तार देने की कोशिश की थी ,लेकिन पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने हस्तक्षेप किया और ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद रेलवे ने चुपके से गंगा दामोदर की रैक से भागलपुर होते हुए दुमका की नई ट्रेन चला दी. नतीजा है कि धनबाद से पटना जाने वाले यात्री परेशानी झेल रहे हैं. यात्री भी यह मांग कर रहे हैं कि धनबाद के सांसद इस मामले में हस्तक्षेप करें, जिससे उनको राहत मिल सके.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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