धनबाद, गिरिडीह के सेक्स वर्करों पर रिसर्च करेगा धनबाद मेडिकल कॉलेज,जानिए खबर का डिटेल्स


धनबाद(DHANBAD): धनबाद और गिरिडीह जिले के सेक्स वर्करों पर धनबाद मेडिकल कॉलेज(SNMMC) की टीम रिसर्च करेगी. जानेगी कि एड्स कंट्रोल की जागरूकता उन तक है कि नहीं. और है तो इसका कितना पालन होता है. यह नाको प्रायोजित रिसर्च है. झारखंड ऐड्स कंट्रोल सोसायटी ने मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग को यह जिम्मेवारी सौंपी है. अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभाग मिलकर इस जिम्मेवारी का निर्वहन करेंगे. सेक्स वर्करों की सूची भी सोसाइटी ही रिसर्च टीम को उपलब्ध करायेगी. रिसर्च टीम का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एचआईवी नियंत्रण के लिए सरकार के स्तर से चलाई जा रही योजनाएं किस हद तक सेक्स वर्करों के पास तक पहुंच रही है और वह इसका कितना और कैसे उपयोग कर रही है. इस बात की भी पड़ताल होगी कि सरकार की योजनाएं उन तक नहीं पहुंच रही है,तो इसके कारण क्या है और क्या करने से इसमें सुधार आ सकता है.
रिसर्च पूरा होने के बाद रिपोर्ट ए ड्स कंट्रोल सोसायटी को सौंपी जाएगी
रिसर्च पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट ए ड्स कंट्रोल सोसायटी को सौंपी जाएगी. सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है. दोनों जिलों में सेक्स वर्करों पर यह रिसर्च 4 महीनों तक चलेगा. विभाग के अधिकारी उन तक पहुंचेंगे और उनसे बातचीत कर पूरी जानकारी एकत्रित करेंगे. सरकारी योजनाएं सीधे पहुंच रही है अथवा कहीं बाधा आ रही है, रिपोर्ट में इसका भी जिक्र होगा. धनबाद मेडिकल कॉलेज को पहली बार यह रिसर्च मिला है. इसके पूर्व कम्युनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभाग को HIV POSITIVE पर रिसर्च की जिम्मेवारी सौंपी गई थी. जिसे पूरा कर रिपोर्ट भेज दी गई है. दोनों रिसर्च नाको प्रायोजित है. सूत्रों के अनुसार बड़े मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ संबंधी समस्याओं पर अलग-अलग एजेंसियां रिसर्च करवाती रहती है. पहले धनबाद को रिसर्च नहीं मिलता था लेकिन अब सरकार इस ओर पहल कर रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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