Dhanbad: ब्लड प्रेशर "कीवर्ड" वाले इस चुनाव प्रचार में "साइलेंट वोटर" कैसे बढ़ा दिए हैं कईयों का ब्लड प्रेशर

    Dhanbad: ब्लड प्रेशर "कीवर्ड" वाले इस चुनाव प्रचार में "साइलेंट वोटर" कैसे बढ़ा दिए हैं कईयों का ब्लड प्रेशर

    धनबाद(DHANBAD):  निकाय चुनाव का प्रचार खत्म हो गया है.  रविवार को उम्मीदवार "डोर टू डोर" लोगों से संपर्क कर रहे हैं.  सबके अपने-अपने दावे हैं, कौन जीतेगा- कौन हारेगा, धनबाद निगम के मेयर की "म्यूजिकल चेयर" किसको मिलेगी, इसका पता 27 फरवरी को ही चलेगा।  वैसे तो सभी उम्मीदवार अपना - अपना दावा कर रहे हैं, लेकिन सबसे अधिक मुश्किल "साइलेंट वोटर " बने हुए है.  धनबाद में चुनावी लड़ाई कुछ इस मोड़ तक पहुंच गई है कि  वोटर भी एक्सपोज होना नहीं चाहते है. पार्टी के बागी उम्मीदवार पूर्व विधायक संजीव सिंह मजबूती से मैदान में हैं.  यह  अलग बात है कि जिस उम्मीदवार के जो सपोर्टर हैं, वह लगे हुए हैं.  भाजपा के विधायक और सांसद भी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में काम कर रहे हैं.  तो झामुमो  और माले  के विधायक भी झामुमो  समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में रोड रैली से लेकर चुनाव प्रचार तक  कर चुके हैं,  धनबाद का चुनाव झामुमो  के लिए भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है, तो भाजपा भी इसे अति गंभीरता से ले रही है. 

    प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेता धनबाद आये और गए 

    राष्ट्रीय नेतृत्व तक धनबाद के चुनाव में रुचि दिखा चुका है.  प्रदेश के नेता तो आना-जाना कर ही चुके है.  इस चुनाव में कई ऐसे दृश्य दिखे, जिसे कहा जा सकता है कि चुनाव प्रचार बहुत तीखा रहा.  "ब्लड प्रेशर" से लेकर "पागल" की दवा तक की बात आ गई.  माफियागिरी से लेकर गुंडागर्दी तक की चर्चा की गई.  आरोप यह भी  लगा कि धनबाद के एक नेता चाहते हैं कि मेयर की कुर्सी उनके "जेबी"  आदमी के पास जाए.  इसकी भी चर्चा खूब हो रही है.  माने - मतलब निकाले  जा रहे हैं, प्रशासनिक तैयारी भी पूरी चुस्त -दुरुस्त कर ली गई है.  मतदान वैलेट पेपर से होगा, इसलिए इस पर भी नजर सबकी रहेगी कि चुनाव का प्रतिशत कितना रहता है.  चुनाव का प्रतिशत ही बता देगा कि  चुनाव किस उम्मीदवार की  ओर  जाएगा।  वैसे, पूरे झारखंड में निकाय चुनाव में सरगर्मी देखी गई.  

    जमशेदपुर में केंद्रीय मंत्री तक चुनाव रैली किया,मतलब .....

    जमशेदपुर में केंद्रीय मंत्री तक चुनाव रैली किया, तो धनबाद में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अरुण सिंह पर्चा तक  वोटरों के बीच बांटे।  अरुण सिंह धनबाद में जीत के मंत्र भी देकर गए.  यह  अलग बात है कि भाजपा के ही लोग "भाजपा" के खिलाफ धनबाद में लड़ रहे हैं और ऐसे में भाजपा के तीन विधायक और भाजपा के सांसद की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ गई है तो जेएमएम और माले की ओर से भी तीन विधायकों की प्रतिष्ठा सीधे तौर पर जुड़ी हुई है.  टुंडी के विधायक मथुरा महतो  तो निरसा के माले  विधायक अरूप  चटर्जी, सिंदरी के माले  विधायक बबलू महतो सीधे तौर पर चुनाव से जुड़े हुए हैं.  ऐसे में एक पक्ष के तीन विधायक तो दूसरे पक्ष के भी तीन विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है.  23 फरवरी को वोटर  बताएंगे कि किस में कितना है दम 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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