DHANBAD-आनंद वर्मा की सड़ी-गली लाश मिली, दूसरे साथी का शव पेड़ से लटकता मिला, तीसरा लापता, घूम रही है किसी बड़े गैंग पर संदेह की सुई , देखिये यह रिपोर्ट

    DHANBAD-आनंद वर्मा की सड़ी-गली लाश मिली, दूसरे साथी का शव पेड़ से लटकता मिला, तीसरा  लापता, घूम रही है किसी बड़े गैंग पर संदेह की सुई , देखिये यह रिपोर्ट

    धनबाद(DHANBAD) | धनबाद की तिसरा  पुलिस ने आनंद वर्मा का शव रविवार को आटा चक्की मोड़ के समीप अवैध खदान से  बरामद किया है.  देखने में तो यह घटना बहुत सामान्य सी लग रही है. लेकिन घटना के पीछे जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, वह खतरनाख संकेत दे रहे है.  आनंद वर्मा कुख्यात अमन सिंह  का आदमी बताया गया है. उसका शव  पूरी तरह से सड़ गया था.  पहचान कराने में भी पुलिस को भारी परेशानी हुई.  वह पिछले 21 मार्च से अपने घर से लापता था.  वह एम ओसीपी सेक्टर 3 में रहता था.  

    वारंट लेकर आंनद को ढूढ़ रही थी पुलिस 

    31 मार्च को उसके लापता की सूचना उसकी मां गीता देवी और बड़े भाई पंकज वर्मा के द्वारा तिसरा  और अलकडीहा  पुलिस को दी गयी थी. हालांकि तिसरा  पुलिस दो मामले में आनंद वर्मा के खिलाफ वारंट लेकर खोज रही थी.  दावा किया जाता है कि आनंद पुलिस के डर से जयरामपुर आटा चक्की मोड़ में अपने किसी   साथी के साथ रह रहा था.  मामला और अधिक गंभीर तब हो गया, जब उसके एक  साथी का शव  2 दिन पूर्व ओबी डंप  में एक पेड़ में रस्सी से लटकता हुआ मिला था. तीसरा  साथी अभी भी लापता बताया गया है.

    बता दें कि दावा किया जा रहा है कि 26 वर्षीय आनंद वर्मा के विरुद्ध धनबाद जिले के विभिन्न थानों में 2 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं,  जब  तीसरा पुलिस ने बरामद शव को आनंद की मां को दिखाया तो वह पहचानने से इंकार कर गयी.  उसके बाद अलकडीहा  पुलिस ने शव को अज्ञात बताकर उसका पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया.  शव  पूरी तरह से सड़ गया था. 

    पहचान होने पर दर्ज होगा मामला

     पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा.  सूत्र बताते हैं कि इस मामले में कोई ना कोई रहस्य जरूर छुपा हुआ है, क्योंकि जिस युवक की लाश पेड़ से लटकती मिली,  उसी ने आनंद वर्मा की मां को कहा था कि उसका नाम नहीं लेना, उसकी हत्या कर दी गई है और शव  कहीं छुपा दिया गया है.  उसके ठीक  4 दिन बाद 21 मार्च को उसका शव  ओबी डंप  के समीप पेड़  से लटकता मिला. जबकि आनंद वर्मा का एक और मित्र 4 दिनों से लापता है.  सूत्र बताते हैं कि आनंद वर्मा बहुत ही कम उम्र में अपराध की दुनिया में चला गया था.  आनंद के पिता महेश वर्मा और बड़ा भाई पंकज वर्मा राजमिस्त्री है.  मुकुंदा में उनका निजी मकान है.  साफ है कि आनन्द वर्मा के 3 दोस्त में से दो की हत्या हो चुकी है और एक लापता है.  आनंद वर्मा की हत्या का  मामला कहीं किसी बड़े गैंग से जुड़ा तो नहीं है. इसका बेहतर जवाब तो  पुलिस को ही ढूंढना होगा.

     

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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