रंगदारी के लिए फायरिंग, जेल से चलता है गैंग लेकिन कुछ नहीं कर पाती पुलिस

    रंगदारी के लिए फायरिंग, जेल से चलता है गैंग लेकिन कुछ नहीं कर पाती पुलिस

    धनबाद(DHANBAD):  कोयलांचल में अपराध बेलगाम होते जा रहे है. पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजती है, लेकिन जेल में रहकर ही वह या तो गैंग बना लेते हैं अथवा किसी गैंग में शामिल हो जाते है. बाहर निकल कर किसी न किसी गैंग के शूटर बन जाते है. हाल के दिनों में रंगदारी के लिए फायरिंग की जितनी भी घटनाएं हुई है, उनमें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष इसी तरह के खुलासे हुए है. सूत्रों के अनुसार कम उम्र के लड़कों को जेल के अंदर सुविधाएं दिला कर गिरोह के सरगना उन्हें अपना बना लेते है. फिर यह लडके बाहर निकल कर उनके इशारे पर मरने-मारने को तैयार हो जाते है. यही कारण है कि पुलिस एक्शन का भी गैंग चलाने वालों पर अथवा गैंग में शामिल लड़कों पर कोई असर नहीं होता. अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अपराधियों को जेल भेजती है लेकिन वहां से निकलकर के बाद पहले से अधिक निरंकुश हो जाते है.

    रंगदारी, धमकी में जेल कनेक्शन सामने आते रहे है

    हाल के दिनों में धनबाद में रंगदारी, धमकी, हमले और हत्याओं के मामलों का जेल कनेक्शन सामने आ रहा है.  पुलिस जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल करती है लेकिन जेल के अंदर चल रही गतिविधियों पर रोक की दिशा में प्रयास नहीं होते. पिछले दिनों एटीएस ने मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर दावा किया था कि शूटर अमन सिंह जेल के अंदर मोबाइल का प्रयोग कर रहा है. इसके बाद उसे दुमका जेल शिफ्ट किया गया था. फिलहाल वह हजारीबाग सेंट्रल जेल में है. कई ऐसे अपराधियों के बारे में सूचना है कि जेल से ही वह गैंग चलाते हैं, जेल में रहते हुए ही अपने गुर्गों को निर्देश देते है. मंगलवार की देर रात को गोविंदपुर में बंटी चौधरी के आवास पर फायरिंग की गई है. किसी जानमाल की क्षति नहीं हुई है लेकिन फायरिंग करने के बाद एक करोड़ रुपए रंगदारी की मांग की गई है. बंटी चौधरी के बारे में बताया जाता है कि वह कतरास इलाके के कोयला सिंडिकेट में काम करता है.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह 


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