दुमका में बढ़ा अपराध का ग्राफ, 8 महीने में 29 रेप की प्राथमिकी दर्ज


दुमका (DUMKA): दुमका को झारखंड की उपराजधानी का दर्जा प्राप्त है. इसके बाबजूद यहां की कानून व्यवस्था भगवान भरोसे है. प्रतिदिन अपराधी जिले में किसी न किसी तरह की आपराधिक घटना को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को चुनोती दे रहा है. हाल ही में हुए पेट्रोल कांड ने पूरे देश में उबाल पैदा कर दिया था. जिसके बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले ने काफी तूल पकड़ा था. देश भर में राजनीति तेज़ हो गई. पुलिस-प्रशासन भी अर्लट मोड में है. लेकिन इसके बावजूद जिला में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है.
चौकाने वाले आंकड़े
जिले में इस वर्ष अगस्त महीने तक दुष्कर्म की घटना में काफी इजाफा हुआ है. जनवरी से अगस्त महीने यानी कुल आठ माह में दुष्कर्म की 29 घटनाएं हुई हैं. वर्ष 2021 अकड़ा 27 था. उससे पहले 2020 में 30 और 2019 में दुष्कर्म की 35 घटना पूरे साल में हुई थी.
नहीं थम रहे अंधविश्वास के मामले
दुष्कर्म ही नहीं दुमका में अंधविश्वास को लेकर आये दिन होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी वृद्धि दर्ज की गई है. एक बार फिर से डायन प्रथा के मामलों में बढ़ोत्तरी होने लगी हैं. आठ महीने में डायन के आरोप में प्रताड़ित किये जाने के छह मामले पुलिस के सामने पहुंच चुके हैं. जिसमें प्राथमिकी दर्ज की गयी है. तीन की हत्या भी डायन बता कर जिले में कर दी गई है. पिछले नौ साल में डायन हत्या के चार केस पुलिस ने दर्ज किये थे. ये आंकड़े बता रहे हैं कि महिलाओं के प्रति हिंसा की घटनाएं हाल के दिनों में बढ़ी है.
चोरी की घटना में भी आया इजाफा
दुमका जिले में चोरी की घटना में भी इजाफा हुआ है. छिटपुट और छोटी-मोटी चोरी के मामलों का तो उद्भेदन पुलिस कर ले रही, लेकिन चोरी की बड़ी वारदातों का उद्भेदन कर पाने में पुलिस विफल रही है. छह की संख्या में घूमनेवाले नकाबपोश चोरों को भी पुलिस नहीं दबोच सकी है. पिछले दिनों नयापाड़ा, रसिकपुर सहित कई इलाके में चोरी की बड़ी वारदात हो चुकी है. वहीं हर दूसरे-तिसरे दिन मोटरसाइकिल चुरा कर गिरोह पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. जानकारी के अनुसार अगस्त माह तक चोरी के 124 वारदात हो चुकी हैं. हर दूसरे दिन चोर वारदात को अंजाम देने में सफल हो रहा है.
जल्द अपराध पर लगेगा अंकुश
इस बाबत पूछने पर दुमका एसपी अम्बर लकड़ा ने कहा कि पुलिस अपने स्तर से अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है. घटना होने पर पुलिस द्वारा अनुसंधान किया जाता है. आरोपी की गिरफ्तारी भी होती है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज के बच्चों को काउंसिलिंग की जरूरत है. अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि अधिकांश आपराधिक घटना नशे की हालत में किया जाता है. अगर कम उम्र के बच्चे नशा से दूर रहेंगे तो वे अपराध की दलदल में नहीं फसेंगे.
असुरक्षा से लोगों में आक्रोश
जिले में बढ़ रहे अपराध के ग्राफ को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है. लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन के प्रति कम हुआ है. तभी तो नयापाड़ा में लगातार हो रही चोरी की घटना को लेकर मुहल्ले के लोगों ने सामूहिक रूप से रात रात भर जग कर पहरा दे रहे है. लोगों का आक्रोश कभी भी विकराल रूप ले सकता है.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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