टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जिला पर्यवेक्षकों के लिए प्रस्तावित नामों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है. कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने अपने हस्ताक्षर के साथ इस सूची को जारी किया.
जारी सूची में झारखंड कांग्रेस के कई नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस संबंध में जानकारी देते हुए झारखंड कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल ने बताया कि इस साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को पार्टी पूरी मजबूती के साथ लड़ने की तैयारी कर रही है. यही कारण है कि झारखंड से बड़ी संख्या में नेताओं को जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है.
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव #2026 के लिए जिलेवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, झारखंड से 20 वरिष्ठ कॉंग्रेसजनों को दी गई महती जिम्मेदारी...@kharge @RahulGandhi @kcvenugopalmp @ pic.twitter.com/Wlz1Ged4Th
— INCJharkhand (@INCJharkhand_) March 6, 2026
उन्होंने बताया कि कुल 33 जिला पर्यवेक्षकों की सूची में झारखंड के 21 नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं. इनमें पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू और प्रदीप बालमुचू के साथ-साथ खूंटी से लोकसभा सांसद कालीचरण मुंडा को भी जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उपनेता राजेश कच्छप को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है. सूची में पूर्व मंत्री बनना गुप्ता, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कान्त सहाय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नाम भी शामिल हैं.
साथ ही कृषि विपणन परिषद के अध्यक्ष रवींद्र सिंह समेत कई अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. कांग्रेस का मानना है कि पड़ोसी राज्य में होने वाले चुनाव में झारखंड के नेताओं के अनुभव का लाभ मिलेगा और संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
Thenewspost - Jharkhand
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