कोयला माफियाओं पर डबल एक्शन! अब पुलिस के साथ CISF भी हुई सशक्त,क्या बदलेगी तस्वीर?

    कोयला माफियाओं पर डबल एक्शन! अब पुलिस के साथ CISF भी हुई सशक्त,क्या बदलेगी तस्वीर?

    धनबाद(DHANBAD): माइंस एंड मिनिरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट में संशोधन के बाद केंद्रीय सुरक्षा औद्योगिक बल (सीआईएसएफ ) और अधिक सशक्त हो गई है.  केंद्र सरकार ने इस एक्ट में संशोधन किया है.  अब सीआईएसएफ  को सर्च एंड सीजर का अधिकार मिल गया है.  साथ ही सीआईएसएफ के बड़े  अधिकारियों एवं कोल्  कंपनियों के महाप्रबंधक, प्रोजेक्ट ऑफिसर और मैनेजर को कोर्ट में कंप्लेंट केस करने का अधिकार भी दिया गया है.  अब सीआईएसएफ साक्ष्य  का जुगाड़ कर कोर्ट में कंप्लेंट केस दायर कर सकती  है. 
     
    पहले  अधिकार केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारियों के पास था
     
    पहले कंप्लेंट केस का अधिकार केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारियों के पास था.  अब सीआईएसएफ और कोयला अधिकारियों को भी अधिकार दे दिया गया है.  किसी व्यक्ति या संस्था या कहीं और बिना लीज , लाइसेंस और चालान के कोयला मिलने पर वह अवैध  होगा।  कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के लिए यदि अधिकृत दस्तावेज नहीं है, तो इसके खिलाफ सीआईएसएफ और कोयला अधिकारी कोर्ट में केस  कर सकते हैं.  मतलब साफ है कि पिछले कुछ महीनो से चर्चा चल रही थी कि सीआईएसएफ को अगर सशक्त किया गया तो कोयला चोरी पर बहुत हद तक नियंत्रण हो सकता है.  अभी तक केस  करने का अधिकार पुलिस के पास था.  

    अब सबकुछ बदल सकता है बशर्ते 

    सीआईएसएफ के अधिकारी अथवा कोयला अधिकारी थाने में शिकायत करते थे.  लेकिन आगे की कार्रवाई का जिम्मा पुलिस के पास था.  लेकिन अब सब कुछ बदल जाएगा।  सीआईएसएफ  को कानूनी तौर पर मजबूत किया गया है.  इस बात के संकेत केंद्रीय कोयला मंत्री ने बहुत पहले ही दिया था.  मतलब अब कोयला चोरी रोकने के मामले में भी सीआईएसएफ के पास पर्याप्त अधिकार हो गए हैं.  कोयलांचल  में इसका असर दिख सकता है.  क्योंकि यहां कोयला चोरी एक बड़ी समस्या है.  कोयला चोरी की आड़ में संगठित गिरोह  सक्रिय हो गए है.  उन गिरोह के पास आर्थिक ताकत इतनी अधिक हो गई है कि वह एक तरह से अपनी समानांतर व्यवस्था चला  रहे हैं.  अब उन पर दो तरफा कार्रवाई हो सकती है.  एक कार्रवाई सीआईएसएफ  करेगी तो दूसरी कार्रवाई पुलिस भी कर सकती है.



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