रांची(RANCHI): रांची पुलिस को चर्चित अनिल टाइगर हत्याकांड मामले में बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी और कथित सुपारी किलर सूरज को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पिछले एक साल से ज्यादा समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उसकी तलाश लगातार जारी थी. गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
एसएसपी राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि अनिल टाइगर हत्याकांड में शामिल शूटर इलाके में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और घेराबंदी कर आरोपी सूरज को धर दबोचा. पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी इस हत्याकांड की जांच में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
जांच में सामने आया है कि अनिल टाइगर की हत्या जमीन विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर हुई थी. पुलिस के अनुसार सूरज को सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया था. बताया जा रहा है कि हत्या की साजिश काफी पहले रची गई थी और इसके पीछे लंबे समय से चल रहा विवाद मुख्य वजह बना.
पुलिस के मुकाबिक दिसंबर 2023 में हरमू निवासी विनोद पासवान के घर जमीन विवाद को लेकर एक अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में अनिल टाइगर और देवव्रत के बीच पैसों के लेन-देन और जमीन के मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी. हालांकि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो सका और विवाद काफी बढ़ गया था.
बैठक के दौरान तीखी बहस के बीच देवव्रत ने कथित तौर पर अनिल टाइगर पर पिस्टल तानते हुए धमकी भी दी थी. पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने बाद में खूनी रूप ले लिया और कुछ महीनों बाद अनिल टाइगर की हत्या कर दी गई. Nबताते चले की अनिल टाइगर भाजपा से जुड़े हुए थे और रांची में जमीन कारोबार से जुड़े थे. अब सुपारी किलर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क और हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

