कैबिनेट की पहली बैठक में कुछ इस तरह झारखंड की जनता के लिए निर्णय ले सकते हैं हेमंत सोरेन? पढ़िए विस्तार से

    कैबिनेट की पहली बैठक में कुछ इस तरह झारखंड की जनता के लिए निर्णय ले सकते हैं हेमंत सोरेन? पढ़िए विस्तार से

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में जनता ने तो इंडिया गठबंधन को प्रचंड बहुमत दे दिया है, लेकिन इसके साथ ही नवगठित सरकार को अग्निपथ से गुजरना होगा. गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन इससे वाकिफ है. बताया जाता है कि मंत्रिमंडल गठन के तुरंत बाद कैबिनेट की होने वाली बैठक में हेमंत सोरेन कोई बड़ी कल्याणकारी योजना की घोषणा कर जनता का आभार व्यक्त करना चाहते हैं. इस पर मंथन का काम शुरू हो गया है

    इन सभी मुद्दों पर होगी बात

    यूं तो चुनाव के पहले सात गारंटी दी गई थी. इन  गारंटी में 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीयता नीति लाने, सरना धर्म कोड  लागू करवाने के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा, संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ मईया सम्मान की गारंटी, सामाजिक न्याय की गारंटी, खाद्य सुरक्षा की गारंटी, रोजगार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी, शिक्षा की गारंटी, किसान कल्याण की गारंटी की घोषणा की गई थी. इधर सरकार आचार संहिता लागू होने के ठीक पहले हुई अंतिम कैबिनेट की बैठक में मईया सम्मान योजना की राशि ₹2500 किए जाने का प्रस्ताव पारित कर चुकी थी. जिसे दिसंबर से लागू किया जाना है. हर गरीब परिवार को 450 रुपए में सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात भी थी. इन सारी गारंटियों पर मंथन शुरू हो गया है. यह अलग बात है कि अभी मंत्रिमंडल गठन में मंत्रियों के नाम और संख्या को लेकर विचार विमर्श  चल रहा है.

    हेमंत सोरेन सोमवार को दिल्ली पहुंचे

    हेमंत सोरेन सोमवार को दिल्ली पहुंचे हैं. वहां वह कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत कर सकते हैं. प्रधानमंत्री को भी शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्योता दे सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह भव्य तरीके से करने की तैयारी है. इस पर भी चर्चा चल रही है कि कौन सा इंपॉर्टेंट विभाग किस घटक दल के पास रहेगा. यह भी पता चला है कि हेमंत सोरेन दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं से बात कर मंत्रिमंडल में कांग्रेस कोटे से मंत्रियों की संख्या पर भी चर्चा कर सकते हैं. चुकी इंडिया गठबंधन में सबसे बड़ा घटक दल कांग्रेस है. इसलिए हो सकता है कि अन्य सहयोगी दलों के कोटे पर भी बातचीत हो.

    भाजपा झारखंड में हार की समीक्षा को लेकर करेगी बैठक 

    इधर ,भाजपा झारखंड में हार की समीक्षा करेगी. इसको लेकर पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में 3 दिसंबर को उच्च स्तरीय बैठक होगी. इसमें केंद्रीय गृह मंत्री समेत झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी मौजूद रहेंगे. इससे पहले हार की वजहों को लेकर 30 नवंबर को प्रदेश स्तरीय बैठक भी होगी. इसमें प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी, नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहेंगे. भाजपा आला कमान ने हार की वजहों की रिपोर्ट प्रदेश से मांगी है. प्रदेश अपनी रिपोर्ट सभी स्तर के नेताओं से बातचीत करने के बाद ही आला कमान को भेजेगा.


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