शहर की सरकार: धनबाद में भाजपा को ही "भाजपा" से "बैकफुट" पर लाने का कैसे चल रहा खेल, कौन- कौन हैं किरदार

    सरगर्मी चरम पर है.  चुनाव गैरदलीय  आधार पर हो रहे है.  लेकिन उम्मीदवारों में  भाजपा का समर्थन लेने के लिए होड़ मची हुई है.

    शहर की सरकार: धनबाद में भाजपा को ही "भाजपा" से "बैकफुट" पर लाने का कैसे चल रहा खेल, कौन- कौन हैं किरदार

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद मेयर पद को लेकर भाजपा में पार्टी को "बैकफुट" पर लाने की तैयारी है.  रणनीति इतनी तेज है कि पार्टी  को बहुत कुछ सोचना पड़  सकता है. यह  अलग बात है कि बाबूलाल मरांडी ने कह दिया है कि भाजपा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं करेगी।  फिर भी रायशुमारी  का काम अभी रोका  नहीं गया है.  पार्टी चाहती है कि भले किसी एक उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया जाए, लेकिन एक उम्मीदवार को समर्थन देने की कोशिश हो. विधानसभा चुनाव में गई साख को कम से काम निकाय चुनाव में वापस लिया जाए.  दूसरी तरफ मेयर चुनाव लड़ने वालों में पर्चा खरीदने  की होड़ मची हुई है. 

     सरगर्मी चरम पर है.  चुनाव गैरदलीय  आधार पर हो रहे है.  लेकिन उम्मीदवारों में  भाजपा का समर्थन लेने के लिए होड़ मची हुई है. "पावर पॉलिटिक्स" का खेल चल रहा है.  पूर्व मेयर से लेकर पूर्व विधायक तक मैदान में उतर गए है,. मेयर पद के लिए भाजपा से कुल 20 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की है.  पूर्व मेयर  शेखर अग्रवाल ने तो गुरुवार को ही अपना पर्चा दाखिल कर दिया।  दूसरी ओर पूर्व विधायक संजीव सिंह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी  दावेदारी पेश की है. उन्होंने नामांकन पर्चा भी खरीद लिया है.  सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता भृगुनाथ  भगत और रामा  सिंह ने भी नामांकन पर्चा ख़रीदा  है. 

     अब भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी, अपने कैडर को एकजुट रखना।  प्रमंडलीय कमेटी क्या करेगी, यह अभी भी सवालों के  घेरे में है.  ऐसे में पूरी तरह से  भितरघात  की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता।  दूसरी ओर पूर्व मेयर इंदु  देवी ने आज नामांकन दाखिल कर दिया। भाजपा की मांग थी कि निकाय चुनाव दलीय आधार पर हो, परंतु हेमंत सोरेन सरकार ने ऐसा नहीं किया।  वैसे, भाजपा अभी भी मंथन कर रही है.  रायशुमारी  के बाद सभी नाम को प्रदेश नेतृत्व के सामने भेजा जाएगा।  और अंतिम निर्णय 31 जनवरी तक संभव है.  

    अगर धनबाद में मेयर पद  के  चुनाव को देखा जाए, तो लड़ाई अब दिलचस्प होती जा रही है.  जिस  हिसाब से उम्मीदवारों में रुचि है, इसे देखते हुए यह  कहा जा सकता है कि पार्टी की बात ,कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं है.  यह  अलग बात है कि भाजपा ने अब यू टर्न ले लिया है और अब अपना "विजन" क्लियर कर दिया है.  बात सिर्फ भाजपा की ही नहीं है, झामुमो  में भी कई उम्मीदवार हैं.  जिला कमेटी ने बहुत पहले ही डॉक्टर नीलम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित कर दिया था.  लेकिन अब विधायक मथुरा प्रसाद महतो के बेटे दिनेश महतो, झामुमो  नेता देबू  देबू महतो ने भी पर्चा खरीदा है. कांग्रेस में भी लोग पीछे नहीं है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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