मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार में चुनाव प्रचार को नहीं जाएंगे, 14 के बाद क्या होगा पांच मंत्रियो का भविष्य, पढ़िए !

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार में चुनाव प्रचार को नहीं जाएंगे, 14 के बाद क्या होगा पांच मंत्रियो का भविष्य, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) :  झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिहार में चुनाव प्रचार को नहीं जाएंगे. चुनाव प्रचार में दूरी से महागठबंधन में विवाद बढ़ने के चश्मे से राजनीतिक पंडित देख रहे है. झारखंड में केवल राजद ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ भी झामुमो में तीखी प्रतिक्रिया है. टिकट बंटवारे में भी झामुमो  की अनदेखी की गई. फिलहाल झारखंड मुक्ति मोर्चा का पूरा ध्यान घाटशिला विधानसभा उपचुनाव पर है. मुख्यमंत्री खुद इस चुनाव अभियान पर नजर गड़ाए हुए है. बिहार  चुनाव में प्रचार के लिए झामुमो को निमंत्रण मिला है भी अथवा नहीं, यह बात अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है. लेकिन इतना तो तय है कि बिहार के चुनाव में झामुमो  की अनदेखी का असर झारखंड पर भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से दिखने लगा है.  


    झारखंड में कांग्रेस कोटे से चार मंत्री हैं, जबकि राजद  कोटे  के एक मंत्री है

    झारखंड में कांग्रेस कोटे से चार मंत्री हैं, जबकि राजद कोटे  के एक मंत्री है. बिहार में सीट नहीं मिलने से भाजपा को बोलने का एक मौका मिल गया है. भाजपा का कहना है कि चुनाव के बाद झारखंड में इसका असर पड़ेगा. भाजपा झामुमो  को नसीहत भी दे रही है. यह बात भी सच है कि बिहार चुनाव में झामुमो को अंतिम-अंतिम समय तक धोखे में रखा गया. झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड से सटे  6 सीट मांग रहा था, लेकिन अंतिम समय तक झारखंड मुक्ति मोर्चा को उलझाए रखा गया. नतीजा हुआ कि झामुमो चुनाव से अलग रहने का निर्णय लिया. अगले साल बंगाल में भी चुनाव होने हैं, ऐसे में झारखंड मुक्ति मोर्चा बंगाल में पहले से ही अपना टारगेट फिक्स करेगा, इसकी चर्चा तेज है. 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का  फिलहाल घाटशिला पर ध्यान 

    इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घाटशिला उपचुनाव पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन का चुनावी कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया है. दोनों नेता 3 नवंबर से 8 नवंबर तक जनसभाएं करेंगे. इधर, झामुमो  घाटशिला उपचुनाव में भाजपा में और बड़ी सेंधमारी करने की रूपरेखा भी तैयार कर बैठा हुआ है. गुरुवार को भाजपा के कई नेता झामुमो  में शामिल हुए और आगे भी कुछ शामिल हो सकते है. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर खलबली को और बढ़ा दी है. देखना है आगे-आगे होता है क्या?

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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