बदलता समय : अगर चाहिए बिजली बिल तो तुरंत सीख लीजिये एंड्रॉयड मोबाइल चलाना,नहीं तो क्या होगा!

    बदलता समय : अगर चाहिए बिजली बिल तो तुरंत सीख लीजिये एंड्रॉयड मोबाइल चलाना,नहीं तो क्या होगा!

    धनबाद(DHANBAD) | अगर आपके पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है, तो आपको बिजली का बिल अब नहीं मिलेगा, मिल भी नहीं रहा है.  अगर आपको बिजली का बिल चाहिए तो एंड्राइड मोबाइल चलाना सीख लीजिये.  उपभोक्ताओं के व्हाट्सएप पर ही बिजली बिल भेजा जा रहा है.  जो उपभोक्ता अपना नंबर बिजली विभाग में रजिस्टर नहीं कराए हैं, उन्हें बिजली बिल नहीं मिल रहा है.  ऐसे कई उपभोक्ता है, जो परेशानी में है.  उनके लिए तो बड़ी समस्या है, जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है या जो  एंड्रॉयड मोबाइल से दूरी बनाकर रहना चाहते है.  घर का स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में बदल गया है.  बिजली बिल का मैसेज बटन वाले मोबाइल पर तो आ नहीं रहा है.  एंड्रॉयड  मोबाइल नहीं चलाने  वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहा है.

    लोगो को कार्यालय का चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे है ?
     
     ऐसे लोगों को बिजली बिल की जानकारी  लेने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.  बिजली कार्यालय से उन्हें पता चल रहा है कि उनका बिल इतना है और फिर वह भुगतान कर रहे है.  आज भी कई बिजली उपभोक्ता है ,जो बटन मोबाइल का उपयोग कर रहे है.  विभाग का कहना है कि जो लोग व्हाट्सएप्प नहीं चला रहे हैं, वह कार्यालय आकर बिजली बिल ले सकते हैं और उसके बाद उसका भुगतान कर सकते है.  जिनके घरों में अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, उनको भी रेगुलर बिल नहीं मिल रहा है.  इस वजह से उन्हें परेशानी हो रही है.  

    जाड़े में भी बिजली संकट से माथा पीट रहे उपभोक्ता 

    इधर, जाड़े में भी बिजली संकट बढ़ गया है.  जानकारी के अनुसार डीवीसी के कमांड  वाले 7 जिलों में गंभीर बिजली संकट उत्पन्न हो गया है.  डीवीसी ने 50% बिजली कटौती शुरू कर दी है.  बताया जा रहा है कि कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के मेंटेनेंस को लेकर कटौती शुरू की गई है.  जानकारी के अनुसार बिजली निगम लिमिटेड को कोडरमा थर्मल   पावर स्टेशन से 600 मेगावाट बिजली लेने का एग्रीमेंट है.  लेकिन अभी केवल 300 मेगावाट बिजली ही मिल रही है.  इस वजह से डीवीसी के कमांड एरिया धनबाद, बोकारो, रामगढ़ ,हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह और कोडरमा में बिजली संकट गहरा गया है.  यह संकट एक महीने से अधिक समय तक रहने का अंदेशा जताया जा रहा है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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