जमशेदपुर: 3 पार्क पर ढाई करोड़ खर्च, फिर भी नहीं बदली तस्वीर… अब 1.23 करोड़ का नया पार्क क्यों?

    जमशेदपुर: 3 पार्क पर ढाई करोड़ खर्च, फिर भी नहीं बदली तस्वीर… अब 1.23 करोड़ का नया पार्क क्यों?

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): चाकुलिया नगर पंचायत विकास का मॉडल प्रस्तुत कर रहा है. यहां लाखो- करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए तीन पार्क आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं. रख-रखाव के अभाव में पार्क जर्जर हो गए है. झूले टूटे पड़े हैं और पार्क में झाड़ियां उग आई है. पार्क में लगी स्ट्रीट लाइटें भी खराब हो चुकी है. पाथवे चलने लायक नहीं रहा है. बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए बनाए गए ये पार्क अब नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं. पार्क परिसर में शराब की खाली बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामान आसानी से देखा जा सकता है. पार्कों की बदहाली देखकर लग रहा है कि नगर पंचायत ने करीब ढाई करोड़ की लागत से 3 पार्क लोगों के मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि शराबियों के लिए बनाए थे. अब 1.23 करोड़ की लागत से फिर एक पार्क बनाया जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहले से बने पार्कों की हालत इतनी खराब है तो फिर चाकुलिया के गोविंदपुर में करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से एक और नए पार्क का निर्माण क्यों कराया जा रहा है? इस पार्क का निर्माण शुरू है. लोग कह रहे हैं कि कुछ दिनों बाद यह पार्क भी शराबियों का अड्डा हो जायेगा. 

    13.93 लाख की लगत से बना था चिल्ड्रन पार्क
    नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 स्थित कस्तूरबा स्कूल ए पास 13, 93, 400 रूपये की लगत से चिल्ड्रन पार्क बना रहा. वर्ष 2016 में इस पार्क का निर्माण बच्चों के मनोरंजन के लिए किया गया था. लेकिन कुछ दिनों बाद ही ये पार्क बदहाल हो गई. सालों से पार्क का मरमत नहीं किया गया है. पार्क के झूले टूटे पड़े है और परिसर में झाड़ियां उग आई है. मजबूरी में यहां कुछ बच्चे खेलने आते है. झूले टूटे होने के कारण बच्चे दुर्घटना का शिकार भी हो रहे है.

    नाना - नानी पार्क भी बदहाल
    वार्ड संख्या 4 स्थित पूर्णापानी में वर्ष 2016 में नाना - नानी पार्क बनाया गया था. निर्माण में 1.24 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. पार्क में कई सुविधाएं दी गई थी. बच्चों के बच्चों के मनोरंजन के अलावा बुजुर्गों के लिए पाथवे भी बनाया गया था. साइकिल स्ट्रीट लाइट लगी थी और बैठने के लिए शेड भी बनाया गया था. लेकिन यह पार्क अब शराबियों का अड्डा बन गया है. रात के अलावा दिन में भी सामाजिक तत्व यहां एडे बाजी करते हैं. इसके कारण लोगों ने इस पार्क में आना ही छोड़ दिया है. पूरे पार्क परिसर में जंगली झाड़ियां उग आई हैं. 


    नेताजी के नाम पर बना पार्क भी बेकार 
    नया बाजार स्थित एफसीआई गोदाम के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पार्क बनाया गया था. इसमें 98.54 लख रुपए खर्च हुए थे. 2022 में यह पार्क बनकर तैयार हुआ और कुछ दिनों तक लोगों का यहां आना-जाना भी लग रहा. लेकिन अब यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बन कर रह गया है. शाम होते ही पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है और यहां जमकर जाम छलकाए जाते हैं. पार्क में बने झूले टूट चुके हैं जबकि पूरे परिसर में झाड़ियां उगी आई है. पार्क के भीतर बन कैंटीन भी जर्जर होने लगा है. 


    गोविंदपुर में बन रहा नया पार्क
    तीन बड़े पार्कों की मरम्मत करने के बजाय नगर पंचायत की ओर से अब फिर से एक नया पार्क बनाया जा रहा है. यह पार्क वार्ड संख्या एक स्थित गोविंदपुर में बनाया जा रहा है. निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसमें 1.24 करोड़ रूपये खर्च किए जाने हैं. अब देखना यह है कि यह पार्क लोगों के मनोरंजन का साधन बनेगा या शराबियों के लिए एक और अड्डा बनेगा. 

    अब नहीं बनने दिया जाएगा नया पार्क
    चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के नवनियुक्त उपाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा ने बताया कि चिल्ड्रन पार्क और नेताजी सुभाष पार्क की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला जा रहा है. नाना -नानी पार्क की बदहाली की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि गोविंदपुर में जो नया पार्क बन रहा है वह नया बोर्ड गठित होने से पहले सेंशन हुआ था. चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र में नई बोर्ड कमेटी किसी सूरत में अब नया पार्क बनने नहीं देगी. नया बोर्ड बनने के बाद कोई पार्क सेंशन नहीं हुआ है. अगर भविष्य में कोई नया पार्क सेंशन हुआ तो नई कमेटी इसका विरोध करेगी. पार्कों में असामाजिक तत्वों की अड्डेबाजी किस तरह रुकी जाए इस पर विचार किया जा रहा है.

     

     



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