चाईबासा: सारंडा में नक्सलियों को अल्टीमेटम, एक महीने में सरेंडर नहीं तो एनकाउंटर

    चाईबासा: सारंडा में नक्सलियों को अल्टीमेटम, एक महीने में सरेंडर नहीं तो एनकाउंटर

    चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा में शनिवार को सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार पहुंचे. वे बालिबा गांव में स्थित सीआरपीएफ पहुंचे और जवानों का हौसला बढ़ाया. वे करीब दो घंटे तक कैंप में रुककर जवानों से बातचीत की, उनका मनोबल बढ़ाया और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा सरेंडर करे नहीं तो उसका एनकाउंटर किया जाएगा. जवानों से मिलने के बाद स्पेशल डीजी बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से आगे के दौरे पर रवाना हुए. 
    नक्सलियों को दिया कड़ा संदेश
    सारंडा जंगल में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने नक्सलियों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ एक महीने के भीतर सरेंडर कर दे, नहीं तो उसका एनकाउंटर किया जाएगा. यदि इस अवधि के भीतर वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो सुरक्षा बल उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेंगे. उनके अनुसार सारंडा इलाके में करीब 45 से 50 नक्सली सक्रिय हैं. हालांकि अब तक किसी भी संगठन की ओर से सरेंडर को लेकर कोई सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है. सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. 
    कई और अधिकारी भी रहे शामिल
    दौरे के दौरान आईजी साकेत कुमार, एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे, डीआईजी रांची सतीश लिंडा, सीआरपीएफ डीआईजी विनोद कार्तिक, कमांडेंट ओम जी शुक्ला, चाइबासा एसपी अमित रेणु भी मौजूद थे. जानकारी ही पिछले दिनों सुरक्षाबलों की मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ बालिबा के जंगल में मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान आईडी ब्लास्ट और फायरिंग में 6 जवान घायल हुए थे. फिलहाल मुठभेड़ बंद है. लेकिन सुरक्षा बल घने जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. 



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