चाईबासा: ओडिशा से झारखंड तक अवैध बालू कारोबार तेज, सिस्टम पर सवाल

    चाईबासा: ओडिशा से झारखंड तक अवैध बालू कारोबार तेज, सिस्टम पर सवाल

    चाईबासा(CHAIBASA):झारखंड और ओडिशा सीमा पर अवैध बालू कारोबार का खेल लगातार तेज होता जा रहा है ओडिशा के राउरकेला और बिसरा इलाकों से हर दिन दर्जनों हाइवा और 16 चक्का वाहन बालू लोड कर झारखंड के जराइकेला, मनोहरपुर, बड़ाजामदा, नोवामुंडी और गुवा तक पहुंच रहे है.सूत्र बताते हैं कि ओड़िशा में बालू का उठाव कागजों पर पूरी तरह वैध दिखाया जाता है. रॉयल्टी और चालान भी तय सीमा तक के लिए बनाए जाते है, लेकिन असल खेल यहीं से शुरू होता है.यही बालू झारखंड में लाकर खुलेआम अवैध तरीके से खपाया जा रहा है. कागजों में सब कुछ सही दिखता है, लेकिन जमीन पर पूरा सिस्टम नियमों को ठेंगा दिखा रहा है.

    बालू ढुलाई के लिए बिल और टैक्स अनिवार्य

    झारखंड में बालू ढुलाई के लिए बिल और टैक्स अनिवार्य है, लेकिन माफिया इन नियमों को दरकिनार कर रहे है. बिना वे-बिल और टैक्स के लगातार सप्लाई हो रही है, जिससे राज्य सरकार को हर दिन लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है.सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर यह कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन सख्त कार्रवाई न के बराबर है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतना बड़ा नेटवर्क चल पाना मुश्किल है.

    जराइकेला और मनोहरपुर का रूट अब बालू तस्करों के लिए “सेफ कॉरिडोर”

    इधर जराइकेला और मनोहरपुर का रूट अब बालू तस्करों के लिए “सेफ कॉरिडोर” बन चुका है. दिन हो या रात, भारी वाहन बिना किसी डर के इस रास्ते से गुजर रहे हैं और अवैध सप्लाई लगातार जारी है.जिससे सरकार को काफी ज्यादा राजस्व का नुकसान हो रहा है.

    रिपोर्ट-संतोष वर्मा



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