पाकुड़ के 23 गांवों में ब्रेन मलेरिया का कहर, एक ही गांव में पांच बच्चों की मौत, जानिये कैसे आम मलेरिया से अलग होता है ब्रेन मलेरिया

    पाकुड़ के 23 गांवों में ब्रेन मलेरिया का कहर, एक ही गांव में पांच बच्चों की मौत, जानिये कैसे आम मलेरिया से अलग होता है ब्रेन मलेरिया

    Ranchi- एक तरफ राज्य सरकार आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार का अभियान चलाती रही है, उधर पाकुड़ के 23 गांवों में मलेरिया ने अपना कहर मचा रहा है, प्राप्त जानकारी के अनुसार लिट्टीपाड़ा प्रखंड के जोरडीहा पंचायत का 23 गांव अब तक इसकी चपेट में आ चुके हैं, और हर बितते दिन के साथ संक्रमित गांवों की संख्या बढ़ रही है. अब तक कुल पांच बच्चों की मौत की भी खबर है. ये सभी बच्चे एक ही गांव कुटलो हैं, दावा किया जाता है कि इनकी मौत ब्रेन मलेरिया के कारण हुई है. हालांकि इस खबर को सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आती हुई दिखलाई पड़ रही है. डीसी मृत्युंजय वर्णवाल ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सभी गांवों का सर्वे करवाने का आदेश दिया है. डीसी का आदेश जारी होते ही स्वास्थ्य कर्मियों की टीम संक्रमितों की जांच में जुट गयी हैं.

    क्या है ब्रेन मलेरिया

    याद रहे कि जब मच्छर आपकी त्वचा पर काटता हो तो यह प्लासमोडियम नाम का एक पैरासाइट आपके खून में पहुंचा देता है, प्लासमोडियम चार प्रकार का होता है. जिनके नाम पी बाईवेक्स, पी ओभेन, पी मलेरी और पी फालसीपेरम हैं. इसके खून में प्रवेश के बाद इंसान को अटैक आ सकता है, और इसके साथ ही ब्रेन में खून जमने की शिकायत सामने आ सकती है. ब्रेन में खून जमने की इसी स्थिति को ब्रेन मलेरिया कहा जाता है.

    यहां यह भी बता दें कि आम मलेरिया के समान ही ब्रेन मलेरिया भी मादा एनोफीलीज मच्छर के काटने से ही फैलता है, ब्रेन मलेरिया में भी आम मलेरिया के समान ही तेज बुखार और कंपकपी आती है, लेकिन जब यही बीमारी ब्रेन में हो जाती है तो स्थिति गंभीर होने लगती है. पाकुड़ के 23 गांवों में इसी का कहर देखा जा रहा है.


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