बोकारो कांड: सुरक्षा महाप्रबंधक की एफआईआर के बाद कौन-कौन हो सकते हैं गिरफ्तार, कितने नुकसान का है दावा, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    बोकारो कांड: सुरक्षा महाप्रबंधक की एफआईआर के बाद कौन-कौन हो सकते हैं गिरफ्तार, कितने नुकसान का है दावा, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    धनबाद (DHANBAD) : बोकारो कांड के बाद हालांकि हालात सामान्य हो गए है. लेकिन एफआईआर होने का सिलसिला शुरू हो गया है. बोकारो स्टील लिमिटेड के सुरक्षा महाप्रबंधक ने बोकारो स्टील सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. शिकायत पत्र में  उन्होंने कहा है कि गैर कानूनी ढंग के इस आंदोलन में कंपनी को लगभग 200 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. उत्पादन के हालात सामान्य होने में अभी और वक्त लगेंगे. ऐसे में उत्पादन हानि बढ़ने की संभावना है.  

    3 अप्रैल को प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर गैरकानूनी प्रदर्शन किया गया

    शिकायत पत्र में कहा गया है कि 3 अप्रैल को प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर गैरकानूनी प्रदर्शन किया गया. उक्त प्रदर्शन की पूर्व सूचना विस्थापित अप्रेंटिस संघ ने सेल, बोकारो स्थित इस्पात संयंत्र को पहली अप्रैल को दी थी. उसके बाद बोकारो इस्पात संयंत्र ने इस बात की जानकारी जिला प्रशासन को दी. अनुमंडल पदाधिकारी चास के द्वारा विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से दिनांक 3 अप्रैल को बीएसएल प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना एवं बीएसएल के उच्च अधिकारियों के आवास का घेराव कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी. अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय से आदेशित किया गया था कि इस प्रकार के किसी भी प्रदर्शन, धरना अथवा घेराव विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से अनुमति देने योग्य नहीं है.   

    400-500 लोगों ने हथियार से लैस होकर किया उत्पात 

    बावजूद संगठन के बैनर तले 400-500 लोगों ने हथियार से लैस होकर 3 अप्रैल के सुबह 9:00 बजे से प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार को जाम कर दिया. हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया. यह 4 अप्रैल के मध्य रात्रि तक चला. इस प्रदर्शन के दौरान संयंत्र का मुख्य द्वार लगभग 36 घंटे तक बंद रहा, जिसे प्लांट के भीतर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, तकनीकी कर्मियों एवं आवश्यक सेवाओं की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई. संयंत्र के भीतर कार्यरत विभिन्न संयंत्र इकाइयों में गैस नेटवर्क के लिए असुरक्षित स्थिति बन गई. जिससे  प्लांट के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था, प्लांट एवं टाउनशिप की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो गया. शिकायत में यह भी  कहा गया है कि बोकारो इस्पात संयंत्र में विभिन्न हानिकारक गैसें का स्टोरेज होता है. जिसका प्रयोग बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा स्टील उत्पादन में किया जाता है. धरना प्रदर्शन और मुख्य द्वार बंद होने की वजह से प्लांट के भीतर अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई थी.  इस अवैध प्रदर्शन से बोकारो स्टील प्लांट को 200 करोड रुपए की हानि  हुई है. 

    प्रोडक्शन सामान्य होने में लग सकता है और समय 

    इसके अतिरिक्त संयंत्र के उत्पादन प्रणाली को पुनः सामान्य स्थिति में लाने के लिए कम से कम 8-10 दिन का समय लगेगा. जिससे और अधिक वित्तीय हानि की संभावना है. प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियो द्वारा बलपूर्वक सड़क पर कब्जा किया गया और प्लांट आने जाने वाले कर्मियों एवं आम नागरिकों के साथ मारपीट की गई. वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया. पत्थरबाजी और प्रशासनिक भवन के सामने की बैरिकेडिंग को तोड़ने एवं अंदर जबरन प्रवेश करने की कोशिश की गई. शिकायत पत्र में अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त वर्णित घटनाओं के संबंध में शामिल लोगो  के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. ड्रोन द्वारा की गई पूरी वीडियो ग्राफी, घायल सुरक्षा कर्मियों की चिकित्सीय रिपोर्ट एवं घटनास्थल के फोटोग्राफ्स साक्ष्य के रूप में जरूरत पर उपलब्ध कराया जा सकता है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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