बोकारो वन भूमि घोटाला: एक हज़ार करोड़ के इस बहुचर्चित घोटाले में कैसे जुड़ती जा रही है कड़ियां,पढ़िए विस्तार से

    बोकारो वन भूमि घोटाला: एक हज़ार करोड़ के इस बहुचर्चित घोटाले में कैसे जुड़ती जा रही है कड़ियां,पढ़िए विस्तार से

    धनबाद(DHANBAD): बोकारो वन भूमि घोटाले की कड़ियां जुड़ती  जा रही है और गिरफ्तार होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है.  दो की गिरफ्तारी के बाद तीसरे की भी गिरफ्तारी हुई है.  इस घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक पुनीत अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है.  इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है.  इसके पहले सीआईडी ने शनिवार को जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने  वाले इजहार हुसैन व अख्तर  हुसैन को गिरफ्तार किया था.  सीआईडी को अब तक पता चला है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर यह सब किया गया है.  सूत्र बताते हैं कि बोकारो वन भूमि घोटाले में अभी और कई लपेटे में आ सकते है.  यही वजह है  कि कई अधिकारियो के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगी है.  

    बोकारो के तेतुलिया में 100 एकड़ से अधिक वन भूमि को बेचने का आरोप 

    बता दें कि बोकारो के तेतुलिया में 100 एकड़ से अधिक वन भूमि को कथित फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया गया है. आरोप  है कि भू -माफिया, अंचल कर्मी और बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब किया गया है.  इस जमीन को उपयोग में नहीं आने पर बोकारो स्टील प्लांट को वन विभाग को लौटाना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जब मामले की चर्चा रांची तक पहुंची ,तो डीजीपी ने जमीन घोटाले मामले की जांच सीआईडी को सौंप दिए. सीआईडी ने बोकारो सेक्टर -12 थाने में दर्ज केस को टेकओवर कर अपनी जांच शुरू की. इसके पहले वन विभाग की जमीन को बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद बोकारो वन  प्रमंडल प्रभारी ने थाने में प्राथमिकी  दर्ज कराई थी.  मामला सामने आया था कि 100 एकड़ से अधिक जमीन फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दी गई है. इस मामले की जांच और कार्रवाई सीआईडी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है. 

    घोटाले का आंकड़ा लगभग 1000 करोड़ का माना जा रहा है
     
    घोटाले का आंकड़ा लगभग 1000 करोड़ का माना जा रहा है.  घोटाले को अंजाम देने वालों की संख्या लंबी है और शायद यही वजह है कि केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां जांच में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार अप्रैल 2025 में  सीआईडी की एंट्री हुई. 22 अप्रैल 25 को केंद्र सरकार की एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय इस महाघोटाले की जांच शुरू की और इसके साथ ही बोकारो सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई. इस मामले में बोकारो वन प्रमंडल के प्रभारी वनपाल सह वनरक्षी रुद्र प्रताप सिंह की शिकायत पर धारा 406, 420, 467, 4680 471, 120बी/34 व 30(सी)/63 फॉरेस्ट एक्ट के तहत सेक्टर-12 थाना में 18 मार्च 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई  गयी थी. पूर्व में तेतुलिया मौजा की 95.65 एकड़ जमीन बोकारो इस्पात संयंत्र को वापस करना था, लेकिन वापस नहीं किया गया.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो  


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