जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): झारखंड में बिजली दरों में हुए बढ़ोतरी के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. आम उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारी और उद्योग जगत तक इस फैसले से नाराज नजर आ रहे है. बढ़ी हुई दरों का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है, वहीं किसानों के लिए भी सिंचाई और कृषि कार्य महंगे हो गए है.जिसको लेकर शुक्रवार को जमशेदपुर में भी बीजेपी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया.
बीजेपी ने जीएम कार्यालय का किया घेराव
इसी नाराजगी के बीच विभिन्न इलाकों में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में बिजली बिल का बढ़ा बोझ उठाना उनके लिए मुश्किल हो गया है. इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के रूप में देखा जा रहा है.इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के जीएम कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बढ़ी हुई दरें वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा.
सरकार से की ये मांग
भाजपा ने सरकार के सामने कई मांगें भी रखी है. इनमे प्रमुख रूप से बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेना, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना, खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलना और मरम्मत के नाम पर होने वाली बार-बार बिजली कटौती पर रोक लगाना शामिल है.इसके अलावा पार्टी ने स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से की जा रही कथित अतिरिक्त वसूली को भी बंद करने की मांग की है.बिजली दर बढ़ोतरी को लेकर राज्य का सियासी माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा


