धनबाद(DHANBAD): चार राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया गया है तो झारखंड में भाजपा में लगी "आग" फैलती जा रही है. धनबाद की तो चर्चा जोरो पर है, तो हजारीबाग भी पीछे नहीं है. बोकारो भी अब इसमें शामिल हो गया है. सूचना के अनुसार जिस तरह से विवाद बढ़ रहा है, इससे कहा जा सकता है कि केंद्रीय नेतृत्व झारखंड में पार्टी पर ध्यान नहीं दे रहा है. अन्यथा क्या मजाल की कोई चू तक कर दे. गुरुवार को चार राज्यों के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया गया है,हालांकि यह सब चुनावी राजनीति हो सकती है.
पूर्व विधायक है विरोध करने वालो के निशाने पर
सवाल उठता है कि क्या झारखंड में भी कोई कार्रवाई की तैयारी है? सूत्रों के अनुसार धनबाद और हजारीबाग में गुटबाजी तो चल ही रही थी लेकिन बोकारो में भी खुलकर सामने आ गई है. यह सब तब हुआ है जब झारखंड में राज्यसभा चुनाव होने हैं. बोकारो में भी सांसद का एक गुट है ,तो पूर्व विधायक भी अलग गुट में काम कर रहे है. सूचना के मुताबिक बुधवार को कार्यकर्ताओं ने बोकारो के पूर्व विधायक विरंची नारायण का पुतला दहन किया। यह सब चास में हुआ बताया गया है. चास उतरी मंडल के अध्यक्ष के रूप में राजेश घोषाल के बनाए जाने के विरोध में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह पुतला दहन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक की गुटबाजी की वजह से बोकारो जिले में पार्टी कमजोर हो रही है.
बोकारो के कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है
कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व से अपील की है कि तुरंत मामले में हस्तक्षेप किया जाये। दरअसल, धनबाद में चल रही खींचतान का फैलाव बढ़ता जा रहा है. अभी तक हजारीबाग और धनबाद ही , इसकी चपेट में थे, लेकिन अब बोकारो भी आ गया है. खास बात यह है कि बोकारो भी धनबाद संसदीय क्षेत्र में है और ढुल्लू महतो धनबाद संसदीय क्षेत्र से सांसद है. धनबाद में भी विवाद चरम पर है. महानगर अध्यक्ष पार्टी के विधायक के खिलाफ ही बयानबाजी कर रहे है. उस बयानबाजी के खिलाफ महानगर अध्यक्ष का पुतला दहन किया जा रहा है. हजारीबाग में भी स्थिति वैसी ही है. अब इसमें बोकारो भी शामिल हो गया है, तो क्या प्रदेश अध्यक्ष इन विवादों को निपटने में कामयाब नहीं हो रहे हैं या संगठन का असर अब जिला कमेटी पर नहीं रह गया है.

