रांची (RANCHI): झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत मिली है. रांची की विशेष एसीबी कोर्ट ने उन्हें डिफॉल्ट बेल दे दी है. बताते चले कि यह फैसला उस याचिका पर सुनाया गया, जिसमें विनय चौबे के वकील ने तर्क दिया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच एजेंसी द्वारा चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है.
कानूनी प्रावधानों के तहत यदि किसी आरोपी के खिलाफ तय अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो उसे डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है. अदालत ने इसी आधार को मान्य मानते हुए जमानत मंजूर कर ली. इससे पहले भी इसी घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में चार्जशीट में देरी के कारण उन्हें राहत मिल चुकी है.
बताया जा रहा है कि इस मामले में एसीबी ने कांड संख्या 20/2025 दर्ज किया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है. ACB द्वारा जांच के दौरान विनय चौबे पर पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, झारखंड में शराब नीति लागू करने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच हो रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ मॉडल से समानता की बात सामने आई है.
फिलहाल एसीबी उनकी संपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच में जुटी है. कानून के अनुसार धारा 187(3) बीएनएस के तहत तय समयसीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिलना उसका अधिकार होता है. इसी आधार पर अदालत ने यह राहत दी है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं.
Thenewspost - Jharkhand
4+


