TNP DESK-: पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. चुनौती भाजपा से भी मिल रही है, तो पार्टी के भीतर से भी. पार्टी को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है. पार्टी के कई बड़े नेता अब ममता बनर्जी से अलग होने लगे है. सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मुखर विरोध करना शुरू कर दिया है. पार्टी के लगभग आधा दर्जन विधायकों ने भी सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोल दिया है. उन लोगों ने चुनाव में मिली करारी हार के लिए संगठन में अहंकार और जमीन से कटे होने को मुख्य कारण बताया है.
पूर्व और वर्तमान विधायक भी कर रहे विरोध
जानकारी के अनुसार बैरकपुर से तृणमूल के पूर्व विधायक और फिल्म निर्माता राज चक्रवर्ती ने घोषणा की है कि वह राजनीति छोड़ रहे हैं. बीरभूम से तृणमूल के पूर्व विधायक विकास राय चौधरी ने भी विरोध शुरू कर दिया है. कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि अभिषेक बनर्जी ममता दीदी पर अपने फैसले को मनवाने के लिए दबाव डालते थे. इस वजह से दीदी अपना स्वाभाविक फैसला नहीं ले पाती थी. उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में उत्पन्न हुए संवैधानिक संकट अब खत्म हो गया है. राज्यपाल ने 7 मई को राज्य की 17वीं विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही 2021 में अस्तित्व में आई विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया और ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं रही.
तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में बम मिलने से सनसनी
अब सबकी नजर 18 वीं विधानसभा के गठन और नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है. इस बीच इस खबर ने सनसनी फैला दी है कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय पार्टी कार्यालय से भारी मात्रा में बम बरामद किए गए हैं. इसे एक बड़ी साजिश बताया जा रहा है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है. भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस हार के बाद अब आतंक के दम पर बदला लेने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई बेहद नाटकीय ढंग से हुई. स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को खबर मिली कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में विस्फोटक रखे गए हैं. इस सूचना पर पुलिस बल पहुंचा और पूरे इलाके को सील कर दिया गया. पार्टी कार्यालय के भीतर तलाशी के दौरान पुलिस को डिब्बे में रखे कई शक्तिशाली बम मिले. पुलिस ने तुरंत बम निरोधक दस्ते को बुलाया. बम को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

