जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस की कार्रवाई में एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि कोलकाता से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप जमशेदपुर पहुंचाई जा रही थी. फिर इसे शहर के अलग-अलग इलाकों में खपाया जाता था. जुगसलाई पुलिस ने इस मामले में गरीब नवाज कॉलोनी निवासी अमजद अली को गिरफ्तार किया गया है. गरीब नवाज कॉलोनी स्थित खरकई रेल ओवर ब्रिज के पास से पुलिस ने उसे नशीली दवाओं की बिक्री करते पकड़ा. तलाशी के दौरान उसके पास से 10 बोतल कोडीन युक्त सिरप और 52 पीस कोरेक्स बरामद किए गए. बरामद दवाएं प्रतिबंधित श्रेणी की हैं और इनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है. पूछताछ में अमजद अली ने पुलिस को बताया कि वह इन दवाओं को जमशेदपुर के युवाओं और नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचता था. उसने खुलासा किया कि वह यह दवाएं धातकीडीह स्थित 'सबा मेडिकल' से खरीदकर लाता था. पुलिस ने उस मामले में अमजद अली, सबा मेडिकल के मालिक और कोलकाता के एक अज्ञात व्यक्ति पर केस दर्ज किया है.
अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क की हो रही जांच
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सबा मेडिकल तक इन दवाओं की आपूर्ति कोलकाता से की जाती थी. कोलकाता का एक अज्ञात सप्लायर अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाओं की खेप जमशेदपुर पहुंचता था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को सिर्फ स्थानीय अवैध बिक्री तक सीमित न मानते हुए अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क के तौर पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कोलकाता से जमशेदपुर तक यह नेटवर्क कब से सक्रिय है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि पूरे रैकेट को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
जुगसलाई में पहले भी बरामद हुई है नशीली दवाएं
जुगसलाई में इससे पहले भी पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई की है. 7 अप्रैल को पुलिस ने बोल बम ट्रांसपोर्ट में छापेमारी कर 20 पेटी प्रतिबंधित कफ सिरफ बरामद किया था. इसकी कीमत 9.66 लाख रुपए आंकी गई थी. एक आरोपी शशिकांत मिश्रा को पकड़ा गया था. फिर 15 अप्रैल को हुई ऐसी कि कार्रवाई हुई थी. जुगसलाई पुलिस ने एक झोला छाप डॉक्टर गौरी शंकर रोड निवासी डॉ मुमताज अहमद को 174 बोतल टी ब्रानकॉफ सिरफ और 770 पीस नीटकर 10 टैबलेट के साथ गिरफ्तार किया था.

