रांची(RANCHI): कांग्रेसी नेता पूर्व मंत्री आलमगीर आलम दो साल बाद जेल से रिहा हुए. सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा से बाहर आए. इस दौरान आलमगीर के स्वागत में जेल से लेकर उनके आवास तक जश्न का माहौल दिखा. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जेल के गेट पर स्वागत में दिखे तो घर पहुँचने पर जमकर आतिशबाजी हुई. इसके साथ ही राज्य की राजनीतिक तपिश भी बढ़ गई है. पूर्व मंत्री के बेल पर घमासान मच गया.
दरअसल मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आलमगीर आलम को जमानत दी है. यह जमानत कई शर्त के साथ दी गई. जिसमें वह विदेश नहीं जा पाएंगे. साथ ही आगे जांच में जब जरूरत होगी वह हाजिर होंगे. बेल के बाद कानूनी प्रक्रिया को उनकी पत्नी निशांत आलम ने पूरा किया. साथ ही बेलर भी वह खुद बनी. इस दौरान गुरुवार को बेल की कॉपी जेल पहुंची. जिसके बाद वह रिहा कर दिए गए.

आलमगीर के स्वागत में कार्यक्रता जश्न में दिखे. जेल के बाहर से लेकर पूर्व मंत्री के आवास तक जश्न मना. सभी समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी का इजहार किया. साथ ही पूर्व मंत्री के स्वागत में उनके घर को भी फूल से सजाया गया. बड़े बड़े होर्डिंग और बैनर लगाए गए.
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि इतने दिन वह लोगों से दूर रहे. लेकिन सभी का प्यार पहले जैसा ही है. उन्होंने सभी का आभार जताया. साथ ही उन्होंने कहा कि अब जनता के बीच रहेंगे. लंबे समय तक उनसे दूर रहे है. कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसका सम्मान करते है. साथ राजनीतिक में सक्रियता के सवाल पर उन्होंने कहा अभी कुछ भी नहीं है. जनता के बीच रहेंगे.

बता दे कि 2024 में तत्कालीन ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े ठिकानों पर ईडी की रेड हुई थी. इस छापेमारी में 06 मई 2024 को मंत्री के नौकर जहांगीर के किशोरगंज स्थित एक फ्लैट से 35 करोड़ रुपये से अधिक नगद बरामद किए गए थे. जिसके बाद 15 मई को 6 घंटे की पूछताछ के बाद तत्कालीन मंत्री को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद से वह जेल में बंद थे

