मतदान के बाद सभी उम्मीदवार मतों के जोड़-घटाव में जुटे, 23 को आने वाले परिणाम को लेकर सभी की धड़कन तेज

    मतदान के बाद सभी उम्मीदवार मतों के जोड़-घटाव में जुटे, 23 को आने वाले परिणाम को लेकर सभी की धड़कन तेज

    देवघर(DEOGARH): झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना 23 नवंबर को होना है. मतों के जोड़-घटाव के बाद परिणाम को लेकर उम्मीदवारों की धड़कन अभी से बढ़ने लगी है. 20 नवंबर को हुए मतदान के बाद सभी बूथों पर तैनात उम्मीदवारों द्वारा पोलिंग एजेंटों से प्रत्याशी जानकारी ले रहे हैं. कई ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्हें भितरघात होने की आशंका है. कोई भी प्रत्याशी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है.

    देवघर जिला के तीनों विधानसभा क्षेत्र में इतना प्रतिशत हुआ मतदान और इनके बीच है टक्कर

    देवघर जिले में सारठ, मधुपुर और देवघर विधानसभा आता है. तीनों को मिलाकर कुल 11 लाख 22 हज़ार 799 मतदाता है. सारठ विधानसभा क्षेत्र कि बात करें तो यह 3 लाख 16 हज़ार 682 मतदाताओं में से 2 लाख 47 हज़ार 556 यानी 78.17% मतदाताओं ने अपना मताधिकार का प्रयोग किया. इनमें से 75.17% पुरुष और 81.32% महिलाओं ने मतदान किया. इस क्षेत्र से भाजपा के रंधीर सिंह और झामुमो से उदय शंकर सिंह के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है. क्या रंधीर सिंह लगातार तीसरी बार विधायक बनेंगे या उदय शंकर सिंह बाजी मार कर इस क्षेत्र से पांचवी बार विधानसभा पहुंचेंगे.

    अब बात मधुपुर विधानसभा क्षेत्र कि करें तो यहां कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 68 हज़ार 385 है. इनमें से 2 लाख 80 हज़ार 393 यानी 76.11 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. इस विधानसभा में भी महिला मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया. जहां पुरुषों ने 72.21 वहीं महिलाओं ने 80.28 प्रतिशत मतदान किया. इस क्षेत्र से झामुमो से हाफिजुल हसन और भाजपा से गंगा नारायण सिंह के बीच सीधा टक्कर है. जनता ने गंगा को आशीर्वाद दिया तो वे पहली बार विधायक बनेंगे नहीं तो दोबारा हाफिजुल हसन जीत जायेंगे.

    देवघर विधानसभा क्षेत्र में कुल 4 लाख 37 हज़ार 732 मतदाताओं में से 2 लाख 88 हज़ार 970 मतदाताओं ने अपना मतदान किया. देवघर में 10 थर्ड जेंडर ने भी अपना मताधिकार का प्रयोग कर यहां का मतदान 66.02 प्रतिशत तक पहुंचा दिया. इस विधानसभा में लगातार तीसरी बार भाजपा के नारायण दास और राजद के सुरेश पासवान के बीच टक्कर है और पिछले दो बार से सुरेश पासवान हार रहे हैं. इस बार जनता ने किस को आशीर्वाद दिया यह 23 नवंबर को ही पता चलेगा. क्या तीसरी बार सुरेश पासवान हारेंगे या फिर पहली बार नारायण हारेंगे. जो भी हो कोई उम्मीदवार अपने जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है.

    दोनों ही खेमों में से किस खेमे में कितना दम है यह तो अब 23 तारीख को ही स्पष्ट हो पायेगा. लेकिन फिलहाल दोनों ही खेमे अपने समर्थकों के साथ बूथ दर बूथ जोड़ घटाव करने में जुट गए हैं.

    रिपोर्ट: ऋतुराज सिन्हा 


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