चिल्लाते चिल्लाते आखिर रेलवे की टाइम टेबल कमेटी में धनबाद को मिली जगह,पढ़िए झारखंड- धनबाद के हित में क्या हुए हैं फैसले!

    चिल्लाते चिल्लाते आखिर रेलवे की टाइम टेबल कमेटी में धनबाद को मिली जगह,पढ़िए झारखंड- धनबाद के हित में क्या हुए हैं फैसले!

    धनबाद(DHANBAD): वर्षों -वर्ष बाद धनबाद को रेलवे के नेशनल टाइल टेबल कमेटी में जगह मिली है. कमेटी की बैठक में धनबाद की चर्चा हुई है. इसके लिए धनबाद कई सालों से तरस रहा था .धनबाद को विभिन्न रूटों पर चाहिए थी ट्रेन, लेकिन मिल नहीं रही थी. फिलहाल रेलवे में बदलाव का दौर चल रहा है. ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है. आधुनिक ट्रेनें खोली जा रही है. ऐसे में धनबाद के हिस्से में भी कुछ ट्रेन आई है. जानकारी के अनुसार धनबाद से मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने पर सहमति बन गई है. सीआईसी सेक्शन होकर यह ट्रेन चलेगी. 

    धनबाद होकर रक्सौल से तिरुपति के लिए भी नई ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन बोकारो, रांची होते हुए तिरुपति जाएगी. धनबाद से भुवनेश्वर के बीच चल रही स्पेशल ट्रेन को भी रेगुलर करने पर निर्णय लगभग तय है. सूत्र बताते हैं कि भोपाल में 8 से 10 जनवरी तक चली टाइम टेबल कमेटी की बैठक में यह सब निर्णय लिया गया है .इसके बाद धनबाद से मुंबई के लिए साप्ताहिक ट्रेन चलाने का अब रास्ता साफ हो गया है .तीन वर्षों से स्पेशल के रूप में चल रही धनबाद भुवनेश्वर स्पेशल को जल्द नियमित ट्रेन का दर्जा मिल जाएगा. 

    इसी तरह धनबाद होकर रक्सौल से तिरुपति की साप्ताहिक ट्रेन पर भी कमेटी सहमत हो गई है. बहुत जल्द ही तीनों ट्रेनों के स्थाई नंबर और टाइम टेबल की घोषणा की जा सकती है. रक्सौल से तिरुपति के बीच धनबाद ,बोकारो, रांची होते हुए नियमित ट्रेन चलने से धनबाद के लोग उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, दरभंगा और समस्तीपुर भी जा सकेंगे. यहां यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि धनबाद से दिल्ली या जम्मू के लिए नई ट्रेन के लिए अभी भी इंतजार करना पड़ेगा. दिल्ली के लिए तीन-तीन सफल स्पेशल ट्रेन चलाने के बावजूद टाइम टेबल कमेटी की बैठक में धनबाद से दिल्ली की ट्रेन को मंजूरी नहीं मिली. 

    हावड़ा आनंद विहार अमृत भारत ट्रेन चलाने का निर्णय पहले लिया गया है. यह ट्रेन धनबाद होकर चलेगी. इस वजह से भी दिल्ली के लिए ट्रेन पर विचार नहीं हुआ होगा. सूत्र बताते हैं कि धनबाद रेल मंडल ने स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की संख्या और उससे होने वाली आय का पूर्ण डिटेल रेलवे को दिया था. हो सकता है कि आंकड़ा फायदेमंद को देखते हुए रेलवे ने यह बड़ा फैसला लिया. यह अलग बात है कि धनबाद से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग दशकों पुरानी है लेकिन इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.इस मांग को करते करते कई सांसद बदल गए,कई डीआरएम रिटायर्ड हो गए,धनबाद की आबादी कहां से कहां पहुंच गई,लेकिन दिल्ली तक की सीधी ट्रेन नहीं मिली है.

    रिपोर्ट धनबाद ब्यूरो


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