देवघर (DEOGHAR) : बाबानगरी देवघर में आपसी भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम है. दरअसल रामनवमी के अवसर पर महावीरी झंडा यहाँ के मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ तैयार और बिक्री किया जाता है. देशभर में समाज को जाति, धर्म और संप्रदाय के नाम पर बांटने की कई तरह से कोशिश की जाती है लेकिन बाबानगरी देवघर में दो सम्प्रदाय और आपसी भाईचारा का माहौल पर आजतक कोई आंच नही आया है.
ध्वजा तैयार करने का यह काम मुस्लिम समुदाय के लोग पीढियां से करते आ रहे है
देवघर में आज भी रामनवमी के मौके पर चढ़ाया जाने वाला ध्वजा यहां के मुस्लिम परिवारों द्वारा सिर्फ तैयार ही नही किया जाता बल्कि बाजार में बिक्री भी किया जाता है. ध्वजा तैयार करने का यह काम मुस्लिम समुदाय के लोग पीढियां से करते आ रहे है.

मुस्लिम समुदाय द्वारा पूरी श्रद्धा, आस्था और नियम के साथ ध्वजा बनाया जाता है
इनकी माने तो इससे एक दूसरे के खुशियों में शामिल होने का मौका तो मिलता ही है और इससे पीढ़ियों पुरानी भाईचारगी भी कायम रहती है. मुस्लिम समुदाय द्वारा पूरी श्रद्धा, आस्था और नियम के साथ ध्वजा बनाया जाता है. भले ही दूसरे समुदाय द्वारा ध्वजा को तैयार किया जाता है लेकिन इसकी खरीदारी भी लोग आसानी से करते है. लोगो की माने तो आपसी भाईचारा का इससे बड़ा उदाहरण नही हो सकता.
दो समुदायों के बीच आपसी भाईचारा का उदाहरण आज भी कायम है
समाज को जाति, धर्म और संप्रदाय के नाम से बाटने की लाख कोशिश हो रही हो लेकिन देवघर में किसी पर्व त्योहारों में दो समुदायों के बीच आपसी भाईचारा का उदाहरण आज भी कायम है और आगे भी रहेगा तभी तो इनके द्वारा बनाया गया ध्वजा से पूरा शहर पट गया है और लोग अपने अपने अपने जरूरत के हिसाब से ध्वज की खरीदारी कर रहे हैं.
रिपोर्ट - रितुराज सिन्हा
Thenewspost - Jharkhand
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