राँची: इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित अदम्य साहस और बलिदान की प्रेरणादायक स्मृतियों के बीच अखिल राजपूताना कल्याण न्यास के तत्वावधान में वीर कुंवर सिंह पार्क में एक भव्य शहादत सभा सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. यह आयोजन अमर बलिदानी वीर शिरोमणि बाबू वीर कुंवर सिंह जी के पावन शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए समर्पित था.

कार्यक्रम का सफल संचालन संगठन के अध्यक्ष मनीष कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुआ. इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मंत्री कमलेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि वीर कुंवर सिंह विचार मंच के अध्यक्ष बिनय सिंह बिनु सिंह ने समारोह की गरिमामयी अध्यक्षता की.
संगठन की महिला इकाई की सक्रिय भूमिका भी कार्यक्रम में देखने को मिली. महिला अध्यक्ष मनीषा सिंह, उपाध्यक्ष रीना सिंह तथा सुमन सिंह और नीतू सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
यह आयोजन केवल एक स्मरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सेवा, साहस और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा. समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. यह सम्मान उनके कार्यों के साथ साथ समाज के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण का भी प्रतीक रहा.
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ अजीत कुमार, डॉ अशुतोष सिंह, डॉ संकेश सिंह, डॉ पल्लवी, डॉ अंशुमान, डॉ मुकेश, डॉ मृत्युंजय, डॉ गंगा प्रसाद सिंह और डॉ एके लाल शामिल हैं. इन सभी चिकित्सकों ने अपने सेवा भाव और समर्पण से समाज में विशेष स्थान बनाया है.

कानूनी और सामाजिक क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और समाजसेवियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. इनमें अभिषेक भारती, नंदलाल तिवारी, एच एन सिंह, पप्पू सिंह, अविनाश सिंह, सुधीर सिंह, सुबोध सिंह, राणा प्रताप सिंह, मुकेश सिंह, आर एन सिंह, रामेश्वर दयाल सिंह, सुभाष सिंह, मनोज सिंह, उपेंद्र सिंह, श्री राम सिंह, विनोद सिंह, वीर सिंह, अरुण कुमार सिंह, आर के सिंह, प्रदीप सिंह, जी एन सिंह, पी एन सिंह, दिलीप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, बिनोद सिंह, मुकेश कुमार टाइगर, अभिषेक सिंह, राकेश सिंह चंदेल, संजय सिंह, मुन्ना सिंह, रंधीर सिंह, देवराज सिंह, रमेश सिंह, सूरज भान सिंह, अमितेश पाठक, ममता सिंह, प्रिया मुंडा, रंजीत सिंह, अमरजीत सिंह, राजेश सिंह, एस एन सिंह, एस एन पाठक और उदय प्रताप सिंह सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे.
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह को वीर कुंवर सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि किस प्रकार 80 वर्ष की आयु में भी उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर अदम्य साहस का परिचय दिया और अन्याय के सामने कभी झुके नहीं.
अपने संबोधन में मनीष कुमार सिंह ने कहा कि उम्र केवल एक संख्या है, असली शक्ति हमारे संकल्प में होती है. उन्होंने लोगों से वीर कुंवर सिंह के आदर्शों पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एकता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने का आह्वान किया.
वहीं बिनय सिंह बिनु सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती, यह आत्मा की पुकार होती है.
मुख्य अतिथि कमलेश सिंह ने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से कभी घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार कर खुद को और मजबूत बनाना चाहिए.
इस भव्य आयोजन की सफलता में श्री राम सिंह, रंजन सिंह, संतोष सिंह, अविनाश सिंह और विनोद सिंह सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया.
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया. यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि वीर कुंवर सिंह की वीरता और बलिदान की गाथा आज भी लोगों के दिलों में जीवित है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

