रांची(RANCHI): झारखंड में परीक्षा के पेपर लीक की कहानी पुरानी है. जब भी कोई नियुक्ति निकलती है. इसके साथ ही यह सवालों के घेरे में आ जाती है. कई बार बड़े सिंडीकेट का खुलासा पुलिस ने किया. लेकिन अब फिर उत्पाद सिपाही परीक्षा से पहले 160 लोगों की गिरफ़्तारी ने सवाल उठा दिया. रांची के एक छोटे से गाँव में देश के कई हिस्से से लोग पहुंचे थे. जहां पेपर रटवाने की बात कही गई. पुलिस ने भी इसी सूचना पर रात में छापेमारी की और सभी को हिरासत में लिया.
हलाकी अभी पेपर लीक की कोई सूचना नहीं है. पुलिस पूरे मामले की तफतीश कर रही है. लेकिन जब जिस जगह से आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई. वहां का मंजर देख हर कोई चौक गया. यहां महंगी गाड़ियों से लोग पहुंचे थे. एक मेडिकल कॉलेज की अर्ध निर्मित बिल्डिंग के अंदर कई एड्मिट कार्ड देखे गए. कई दस्तावेज मिले है. जिससे सवाल खड़ा हुआ की क्या इस परीक्षा में भी कोई गड़बड़ी हुई है.
मेडिकल कॉलेज के पास कई महंगी गाड़ी खड़ी है. किसी में बिहार तो किसी में यूपी का नंबर है. जिससे यह इशारा कर रहा है कि इस पूरे खेल के पीछे एक बड़ा सिंडीकेट काम कर रहा है. आखिर गाड़ियों से दूसरे प्रदेश के व्यक्ति यहां क्यों पहुंचे थे वह भी तमाड़ जैसे इलाके में,इसकी जांच पुलिस कर रही है
हलाकी पूरे मामले में पुलिस सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. आखिर यह लोग वहां क्यों पहुंचे थे. क्योंकि जिस समय छापेमारी की गई. उसके सुबह यानि 12 अप्रैल को उत्पाद सिपाही का परीक्षा होना था. ऐसे में पूरा मामले संदेह के घेरे में है. सवाल यही है कि क्या झारखंड पेपर लीक गिरोह का सीधा टारगेट है. आखिर सॉल्वर गैंग कैसे इतना पवार फूल हो गए है. इन्हे हिम्मत कौन देता है. जिससे यह पेपर की तैयारी कराने लगते है.
इस पूरे मामले में ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर जांच कर रहे है. उनका मनना है कि अभी तक पेपर लीक की कोई पुष्टि नहीं है. पूरे मामले की जांच जारी है. सभी संदिग्धसे पूछताछ की जा रही है.
बता दे कि इससे पहले झारखंड में JSSC CGL का भी पेपर लीक हुआ था. इतना तो छोड़िए यहां मैट्रिक इंटर तक पर प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले बाहर घूमने लगा है. जिससे पूरे राज्य के सिस्टम पर सवाल खड़ा होने लगा. इस बीच जब अब उत्पाद सिपाही परीक्षा से यह सब होना कई सवाल को जन्म दे रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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