रांची में 76 डॉक्टरों को मिला नियुक्ति पत्र: 1250 और भर्तियों का ऐलान, 2030 तक ‘टीबी मुक्त झारखंड’ का लक्ष्य

    रांची में 76 डॉक्टरों को मिला नियुक्ति पत्र: 1250 और भर्तियों का ऐलान, 2030 तक ‘टीबी मुक्त झारखंड’ का लक्ष्य

    रांची: विश्व टीबी दिवस के मौके पर नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया, जहां स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 संविदा आधारित चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे.

    इस मौके पर उन्होंने साफ कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है और आने वाले समय में डॉक्टरों की बड़ी बहाली की जाएगी.

    डॉक्टरों का योगदान अमूल्य

    स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि डॉक्टर समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, उनकी सेवाएं जीवनभर याद रखी जाती हैं. उन्होंने नव-नियुक्त चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के इलाज के साथ-साथ अस्पतालों की कमियों को भी चिन्हित करें, ताकि सिस्टम को और बेहतर बनाया जा सके.

    1250 डॉक्टरों की होगी नई बहाली

    सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ऐलान किया कि जल्द ही जेपीएससी के माध्यम से 1250 डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी. यह फैसला राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अहम माना जा रहा है.


    हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा विस्तार

    • राज्य में 8 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम जारी है
    • प्रमुख अस्पतालों में CT Scan और MRI जैसी आधुनिक सुविधाएं तेजी से जोड़ी जा रही हैं
    • झारखंड में पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है.इससे अब छात्रों को राज्य में ही मेडिकल शिक्षा और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी.

    AI और रोबोटिक तकनीक की एंट्री

    स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए सरकार अब अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में AI और रोबोटिक तकनीक लागू करने की दिशा में काम कर रही है.

    यह कदम इलाज को और ज्यादा सटीक और तेज बनाने में मदद करेगा.


    ब्लड सप्लाई और गंभीर बीमारियों पर फोकस

    • ब्लड सप्लाई के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था तैयार की जा रही है
    • सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी अभियान चलेगा

    2030 तक ‘टीबी मुक्त झारखंड’ का लक्ष्य

    विश्व टीबी दिवस पर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है:  2030 तक झारखंड को टीबी मुक्त बनाना

    अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया:

    • 2025 में 9.5 लाख लोगों की जांच हुई
    • इस साल लक्ष्य बढ़ाकर 12 लाख जांच रखा गया है

    जागरूकता के लिए विशेष अभियान

    कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी जागरूकता के लिए विशेष वाहनों को रवाना किया, जो राज्यभर में लोगों को जागरूक करेंगे और जांच को बढ़ावा देंगे.

    रांची में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड के स्वास्थ्य सेक्टर में बड़े बदलाव और भविष्य की दिशा भी तय कर गया.

    डॉक्टरों की बहाली, आधुनिक तकनीक और टीबी उन्मूलन जैसे कदम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाले हैं.



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