प्राइवेट पार्ट में फंस गया था बेयरिंग, जानिए क्या हुआ उसके बाद मरीज का हाल 

    प्राइवेट पार्ट में फंस गया था बेयरिंग, जानिए क्या हुआ उसके बाद मरीज का हाल 

    धनबाद (DHANBAD) : निरसा काशीडीह  निवासी 37 वर्षीय मरीज के सामने विचित्र स्थिति पैदा हो गई थी. पहले तो उसनेअपनी परेशानी को छुपाने की कोशिश  की, लेकिन जान पर आफ़त आ गई. पेट में दर्द बढ़ा और पेशाब करने में परेशानी होने लगी. परिजनों को बताया तो उन्होंने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल(पीएमसीएच ) में भर्ती कराया. फिर उसे बलियापुर रोड स्थित जेपी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में  भर्ती कराया. 

    बुलाया गया ड्रिल मशीन एक्सपर्ट

    दरअसल, भर्ती हुए मरीज के प्राइवेट पार्ट( लिंग) में बेयरिंग फंसा हुआ था. इसे डॉक्टरों की टीम ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि डॉक्टरों को  बेयरिंग रिंग को काटने के लिए ड्रिल मशीन एक्सपर्ट को बुलाना पड़ा. डॉक्टरों की माने तो  मरीज के प्राइवेट पार्ट में बेयरिंग फंसने से मरीज का मूत्राशय बंद हो गया था. इस कारण मरीज मूत्रत्याग नहीं कर पा रहा था. मूत्र बाहर नहीं आने से मरीज का पेट लगातार फूलता जा रहा था. मरीज दर्द और मूत्र बाहर नहीं आने से खासे तकलीफ में था. परिजनों ने मरीज को पहले एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया. वहां  से मरीज को बलियापुर रोड स्थित निजी जेपी हॉस्पिटल लाया गया. जेपी हॉस्पिटल में शाम सात बजे मरीज भर्ती हुआ था. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने प्राइवेट पार्ट में फंसे बेयरिंग को बाहर निकाला. करीब डेढ़ घंटे चले सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों को कामयाबी मिली. लगभग 13 घंटे बाद मरीज ने राहत की सांस ली. मरीज की जान बचने से डॉक्टरों की वाह वाही हो रहीं है.

    ऑपरेशन के दौरान मौजूद रहे भाजपा नेता

    वहीं जेपी अस्पताल के मालिक  प्रदीप मंडल हैं,जो कि भाजपा के नेता भी है. ऑपरेशन के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल भी खड़ा हुआ. जिस पर The news post से बात करते हुए अस्पताल के मालिक प्रदीप मंडल ने अपनी सफ़ाई में कहा कि उन्होंने जानबूझकर कोई गलती नहीं की है. उनका इरादा मरीज की जान बचाना था. अगर कोई गुनाह हुआ है ,तो हर सज़ा भुगतने को तैयार हैं. आपको बता दे कि जेपी अस्पताल में पहले भी ऐसे ही क्रिटिकल केस आये थे जहाँ मरीज की सफ़लता पूर्वक जान बचाई गई थी.हालांकि कुछ सप्ताह पहले एक दूसरे मामले में ये अस्पताल उस वक्त विवाद में आया था. जब एक मरीज के बकाए भुगतान को लेकर विवाद हुई थी और अस्पताल कर्मियों ने मरीज व उनके परिजनों को बिल के लिए दौड़ा दौड़ा कर पीटा था. इस घटना के बाद सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जांच के आदेश दिए थे ,हालांकि इस जांच के नतीज़े क्या निकले ,क्या कार्रवाई हुई फ़िलहाल किसी को पता नहीं.


     रिपोर्ट :अभिषेक कुमार ,ब्यूरो हेड ,(धनबाद )


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