अफीम की खेती को लेकर चतरा जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के बीच चलाया जागरूक अभियान


चतरा(Chatra): अफीम की खेती पर नकेल कसने को लेकर चतरा का जिला प्रशासन मुस्तैदी से जुटा हुआ है. नशे के सौदागरों को लेकर अब जिले भर में संयुक्त जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस व वन विभाग के साथ-साथ न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं. वे सुदूरवर्ती गांवों में जाकर भोले-भाले ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं और उन्हें अपना और अपने बच्चों का भविष्य संवारने के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं. व्यवहार न्यायालय, जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम में शामिल अधिकारियों की टीम ने सदर थाना क्षेत्र के सिकिद गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक भी किया. यह बैठक सिकिद पंचायत भवन में हुआ. इस बैठक का उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करना था. बैठक में शामिल अधिकारियों ने ग्रामीणों को नशे की प्रतिबंधित खेती व व्यापार से होने वाले दुष्प्रभाव और बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल कानूनी व्यवधानो के प्रति जागरूक किया. मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्रतिबंधित अफीम, चरस, गांजा, ब्राउन सुगर व डोडा समेत अन्य गैर कानूनी खेती और व्यवसाय नहीं करने की अपील की.
ग्रामीणों को अधिकारियों ने अफीम की खेती नहीं करने का दिलाया शपथ
अधिकारियों ने बताया कि यदि गैर कानूनी खेती और व्यवसाय से अपना नाता ग्रामीण नहीं तोड़ते हैं तो जिला प्रशासन और पुलिस पूरी सख्ती के साथ उनसे निबटने को तैयार है. अधिकारियों ने यह भी कहा कि अफीम व गांजा जैसे प्रतिबंधित खेती से न सिर्फ किसानों का जमीन बंजर होता है बल्कि उनका भविष्य भी कानूनी पेच में फंसकर तबाह हो होता है. अधिकारियों ने मौके पर ग्रामीण महिलाओं से भी अपील की ताकि पुरुषों और अपने बच्चों को इस गोरखधंधे से बाहर निकालने में जिला प्रशासन का सहयोग कर सके. इसके बाद सभी ग्रामीणों ने भविष्य में पोस्ता, अफीम और गांजा की खेती और व्यवसाय नहीं करने का शपथ लिया.
रिपोर्ट: संतोष कुमार, चतरा
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