बच्चों को मिले शिक्षा, स्वास्थ्य- डायन बिसाही कुप्रथा को रोकने पर डालसा ने दिया बल


गुमला(GUMLA): गुमला के घाघारा प्रखंड क्षेत्र के चुंदरी गांव के नवाटोली में डालसा ने मंगलावार को कार्यक्रम का आयोजन किया. कोरोना काल के समय बच्चों के मात-पिता के निधन के बाद अनाथ हुए बच्चों से मिलने जिला न्यायधीश पार्थ सारथी घोष, साथ में प्रखंड विकास पदाधिकारी विष्णु देव कश्यप, अंचल अधिकारी प्रणव ऋतुराज उनके घर पहुंचे. मौके पर जिला जज ने कहा कि डालसा के ने अनाथ बच्चों को गोद लिया है. जहां स्कॉलरशिप से जोड़ा गया है,
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डायन बिसाही कुप्रथा पर किया जागरुक
बच्चों के शिक्षा-दीक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों के पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया. ताकि नेक इंसान बन सके. जज ने ग्रामीणों को डायन बिसाही जैसी- कुप्रथा पर जागरुक किया. वहीं मौजूद घाघरा बीडीओ विष्णु देव कश्यप ने कहा कि डायन बिसाही जैसी कोई चीज नहीं होती है, बीमार होने पर डॉक्टर से तुरंत जांच कराएं. फिलहाल इधर प्रशासन के द्वारा अनाथ बच्चों को चावल, दाल, आलू, प्याज सहित खाद्य सामग्री दी गई. बता दें कि इस मौके पर मुख्य अतिथि पंचायत सचिव सोमनाथ साहू, रोजगार सेवक सुखनाथ राम, आंगनबाड़ी सेविका जॉर्ज मनी देवी, फुल कुमारी देवी, सुखमणि देवी, स्वास्थ्य सहिया यशोदा देवी, कुंती देवी, मुखिया विनीता कुमारी, पूर्व मुखिया आदित्य भगत, वार्ड सदस्य मुनेश्वर उरांव, संतोषी देवी, महिंद्र उरांव, प्रकाश भगत, संजेश उरांव, संजय ठाकुर, राम कुमार भगत, सतीश उरांव आनंद महली सहित कई लोग उपस्थित थे.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला
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