दुमका(DUMKA): दुमका में वर्षों से बालू, पत्थर और कोयला का अवैध खनन और परिवहन का कार्य करने वाले माफियाओं की खैर नहीं. हाल के दिनों में प्रशासन माफिया राज को खत्म करने का प्रयास कर रही है. 7 माफिया को जिला बदर करने के साथ साथ ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां भी हो रही है. कोयला माफिया कलीमुद्दीन अंसारी को सलाखों के पीछे भेजने के बाद बालू माफिया मंसूर आलम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. मंसूर पश्चिम बंगाल के सियुडी का रहने वाला है जो वर्षों से पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती दुमका जिला के रानीश्वर थाना क्षेत्र में बालू के अवैध खनन और परिवहन के कार्य मे संलिप्त था. मार्च 2022 में मंसूर और कमाल के खिलाफ रानीश्वर थाना में मामला दर्ज किया गया था. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस भी निष्क्रिय हो गयी थी. लेकिन जब से ईडी द्वारा दुमका के खनन पदाधिकारी से पूछताछ हुई तब से पुलिस प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ गिरफ्तारी की जा रही है. शुक्रवार की रात रानीश्वर थाना की पुलिस ने पश्चिम बंगाल के सियुडी स्थित सनातनपाडा से मंसूर को गिरफ्तार किया. आज शनिवार को उसे दुमका कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया. प्रशासन की इस कार्यवाई से माफिया में हड़कंप मच गया है. अगर प्रशासनिक कार्यवाई इसी तरह जारी रही तो वो दिन दूर नहीं जब जिला माफियाराज से मुक्त हो जाए.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
Thenewspost - Jharkhand
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