विधायक ढुल्लू  से प्रताड़ित कुंती अस्पताल में, सीओ-थानेदार पहुंचे मनाने

    विधायक ढुल्लू  से प्रताड़ित कुंती अस्पताल में, सीओ-थानेदार पहुंचे मनाने

    धनबाद (DHANBAD) : बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो से प्रताड़ित परिवार के अनशन का आज चौथा दिन है. इसके पहले तीसरे दिन की रात को पीड़ित अशोक महतो  की पत्नी कुंती देवी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. डॉक्टरों ने जाँच की  और उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया. उनका ब्लड प्रेशर गिर रहा था और शरीर में पानी की कमी हो गई थी. इसके साथ ही शुक्रवार की रात बाघमारा के अंचल अधिकारी और बरोरा के थानेदार धरना स्थल पर पहुंचे और अशोक महतो से बातचीत की.  

    जो भी न्यायालय का फैसला होगा, उसे सबको मानना होगा

    अधिकारी ने प्रस्ताव दिया कि  जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह मामला सिविल कोर्ट  में जाएगा और जो भी न्यायालय का फैसला होगा, उसे सबको मानना होगा.  अशोक महतो ने जवाब दिया कि कोर्ट  के फैसला आने तक उनको निर्बाध  दुकान चलाने की व्यवस्था की जाए, तुरंत दुकान खुलवा दी जाए, वह बात मानने को तैयार हैं. इसके बाद बात आगे बढ़ी, लेकिन बनी नहीं और फिर शनिवार को बैठक करने की योजना बनी.  अंचलाधिकारी ने मीडिया से कहा कि वह भी चाहते हैं कि अशोक महतो की दुकान खुल जाए क्योंकि परिवार गरीब है और दुकान ही उनकी रोजी-रोटी का साधन है. आज वार्ता हुई है ,वार्ता सकारात्मक दिख रही है.  शनिवार को फिर वार्ता होगी और कोई न कोई नतीजा जरूर निकल जाएगा.

    "सिर्फ मैं ही क्यों लिख कर दूं!"

    इधर अशोक महतो ने कहा कि अंचल अधिकारी महोदय ने कहा कि वह लिखकर दे दें कि कोर्ट के फैसले को मानेंगे. अशोक महतो का जवाब था कि सिर्फ हम ही क्यों लिखें, दोनों पक्ष लिख कर दें कि न्यायालय का जो फैसला होगा, उसे मानेंगे और इस बीच मेरी दुकान खोलवा दी जाए और फैसले तक कोई विघ्न बाधा ना डाली जाए.  इसी बात को लेकर शनिवार को फिर बैठक का प्रस्ताव किया गया है. वह बैठक में जाएंगे या अपने किसी प्रतिनिधि को भेजेंगे.

    धरना स्थल से परीक्षा देने जा रही बेटी

    इसी बीच वहां पहुंचे बियाडा  के पूर्व अध्यक्ष और समाजसेवी विजय झा ने कहा कि उन्हें सूचना मिली कि धरना पर बैठी अशोक महतो की बेटी की शनिवार से परीक्षा है और वह बच्ची को समझाने आए हैं  कि शिक्षा की डोर को कमजोर नहीं होने देना है. पढ़ाई अपनी जगह पर है ,संघर्ष अपनी जगह पर है. दोनों साथ साथ चलना चाहिए, बच्ची राजी हो गई है और धरना स्थल से ही लगातार तीन दिनों तक परीक्षा देने जाएगी और फिर परीक्षा देकर धरना स्थल पर ही लौट आएगी. उन्होंने कहा कि यह मामला नेचुरल जस्टिस का है, सबको ध्यान देना चाहिए.


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