फिर आमने -सामने 'सिंह मेंशन' और 'रघुकुल : बोले संजीव सिंह, बयानबाजी कर फेयर ट्रायल को प्रभावित कर रहे हैं बच्चा सिंह

    फिर आमने -सामने 'सिंह मेंशन' और 'रघुकुल :  बोले संजीव सिंह, बयानबाजी कर फेयर ट्रायल को प्रभावित कर रहे हैं बच्चा सिंह

    धनबाद (DHANBAD) :  एक बार फिर धनबाद के दो मजबूत घराने 'सिंह मेंशन' और 'रघुकुल' का विवाद  सतह पर आ गया है.  पूर्व मंत्री बच्चा सिंह व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने जहां संजीव सिंह पर हमला बोला है तो संजीव सिंह ने अपने चाचा बच्चा सिंह  एवं झरिया के कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने की कोर्ट से मांग की है.  बता दें कि पूर्व विधायक संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या के आरोप में 5 वर्षों से जेल में हैं.  

    कोर्ट में आवेदन देकर लगाई गुहार

    शनिवार को उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आवेदन देकर  कहा कि नीरज सिंह हत्याकांड में विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह एवं बच्चा सिंह दोनों गवाह हैं.  संजीव सिंह के  अधिवक्ता जावेद ने कहा कि  गवाही बंद हो जाने के बाद बच्चा सिंह  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया में गलत बयानबाजी  कर फेयर ट्रायल को प्रभावित कर रहे हैं.  आवेदन में संजीव सिंह ने आरोप लगाया है कि विधायक पूर्णिमा नीरज  सिंह ने 5 मई '22 को अखबारों में बयान दिया कि धनबाद में अपराधिक घटनाओं का सिलसिला नया नहीं है.  2017 में जो नरसंहार हुआ था, उसमें भी यही अपराधी शामिल थे.  इन अपराधियों को पूर्व भाजपा विधायक का संरक्षण प्राप्त था.  

    बयान पर आपत्ति

    आवेदन में कहा गया है कि विधायक का यह बयान आपत्तिजनक है.  आवेदन में यह भी कहा गया है कि 5 मई '22 को फेसबुक पोस्ट पर बच्चा सिंह ने एक पोस्ट लिखा ,जो अखबारों में भी छपा.  उन्होंने कहा था कि नीरज सिंह तथा उनके तीन साथियों की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता संजीव सिंह ने शूटरों  को करोड़ों रुपए देकर बुलाया था.  अपराधी जेल में बंद होने के बाद भी अपना साम्राज्य कायम किए हुए हैं.  धनबाद जेल को अपना ठिकाना बना रखा है. यहीं से धनबाद ,बोकारो के कारोबारियों ,आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिकों और बड़े दुकानदारों को फोन पर धमकी देकर रंगदारी मांग रहे हैं.  बच्चा सिंह ने आरोप लगाया है कि रंगदारी मांगने का काम संजीव सिंह व उनके सहयोगी पिछले दो-तीन सालों से कर रहे हैं.  सोची-समझी योजना के तहत अमन सिंह के नाम को आगे किया जाता है लेकिन असली अपराधी संजीव सिंह ही है.  संजीव सिंह ने आरोप लगाया है कि बच्चा सिंह द्वारा फेसबुक पर किया गया यह पोस्ट चरित्र ,प्रतिष्ठा को हनन  करने वाला है.