धनबाद (DHANBAD) : .... तो क्या यह सच मान लिया जाए कि धनबाद में अगर आप जीवित हैं तो ईश्वर के खाते में आपकी आयु बची हुई है. आखिर मन माना भी क्यों न जाए, धनबाद की स्थिति ऐसी हो गई है कि अगर आप जीवित बचे हैं तो आप पर अपराधियों की कृपा है. शुक्रवार को जिस तरह दुकान में घुसकर झरिया में रंजीत साव की हत्या की गई, यह देख सुनकर तो ऐसा ही लगता है कि अब धनबाद में कानून का नहीं, अपराधियों का राज चल रहा है. जिस प्रकार एमआरएफ टायर दुकान में घुस कर मालिक रंजीत साव को गोली मारी गई, यह तो यही साबित करता है कि पुलिस का तनिक भी भय अपराधियों में नहीं है. हालांकि इस घटना के खिलाफ काफी आक्रोश है.
आक्रोश में सड़क जाम
धनबाद का पुलिस प्रशासन और झारखंड की सरकार लोगों के निशाने पर हैं. लोगों ने टायर जलाकर शव को सड़क पर रखकर रोड जाम कर दिया है. पुलिस की कुछ नहीं सुन रहे, उनकी मांग है कि हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए, अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा किया जाए और कारोबारियों को सुरक्षा दी जाय. आक्रोशित लोगों के आगे पुलिस की नहीं चल रही. स्थल पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारियों को जवाब नहीं जुट रहा है. डीएसपी स्तर के अधिकारी लोगों को समझाने में लगे हुए हैं, इसके पहले 2 अप्रैल को झरिया के फूलबंगला में रेलवे ठेकेदार लव कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह को सैकड़ों आंखों के सामने दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारी गई थी. इस मामले की चर्चा अभी चल ही रही थी कि शुक्रवार को फिर हमलावरों ने दिलेरी दिखाते हुए रंजीत साहू की दुकान में घुसकर कत्ल कर दिया.
अप्रैल में ये हत्याएं
आपको बता दें कि 27 दिन के भीतर बाइक सवार अपराधियों ने दो लोगों की हत्या कर दी, दो स्थानों पर बम बाजी और फायरिंग की, पहली घटना 2 अप्रैल को फुलबंगला रेलवे फाटक के समीप घटी थी, जिसमें रेलवे ठेकेदार बबलू सिंह की हत्या कर दी गई थी. दूसरी घटना 11 अप्रैल की देर रात हुई, जिसमें बाइक सवार अपराधियों ने जोरापोखर के शालीमार क्वार्टर निवासी संदीप सेन के घर के दरवाजे पर दो राउंड फायरिंग की, तीसरी घटना 12 अप्रैल को झरिया के भागा बाजार निवासी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता के भाई स्क्रैप ठेकेदार पप्पू खान के घर के दरवाजे पर ब बाजी की गई. शुक्रवार को तो पुलिस को चुनौती देते हुए रंजीत साहू की हत्या कर दी गई.
Thenewspost - Jharkhand
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