चाईबासा : दिन भर में मिल पाता है बस दो-तीन कनस्तर पानी, गर्मी में इतने से कैसे हो पूरे परिवार का गुजारा !


चाईबासा (CHAIBASA) - गर्मी बढ़ने के साथ ही सेल की किरीबुरु और मेघाहातुबुरु आवासीय क्षेत्रों के झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के सामने पेयजल संकट गहराने लगा है. पानी की सबसे बड़ी समस्या किरीबुरु क्षेत्र की मेन मार्केट, मंगलाहाट, प्रोस्पेक्टिंग, चर्च हाटिंग, आरसी सिंह हाटिंग, मुर्गापाडा़, गाडा़ हाटिंग, बकल हाटिंग आदि क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ है.
अवैध पाईप लाईन का कनेक्शन
प्रोस्पेक्टिंग स्थित सेल की आवासीय कॉलोनी में भी पानी की सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है. पानी की समस्या का मुख्य वजह सेल की पाइप लाइन को मुर्गापाड़ा से लेकर मेन मार्केट तक अवैध तरीके से सैकड़ों स्थानों पर छेदकर पानी का अवैध कनेक्शन लिया जाना. इसके अलावे विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों मोटर को पानी सप्लाई के दौरान चलाया जाना है. इसी वजह से पानी की सप्लाई के दौरान प्रेशर काफी कम हो जाता है और नल में काफी धीमी रफ्तार से पानी गिरता है. इसी वजह से लोगों को मात्र दो-तीन कनस्तर ही पानी मिल पाता है. इतने कम पानी से एक परिवार का काम इस गर्मी में चल पाना मुश्किल है.
निरंतर बढ़ती आबादी बनी परेशानी की वजह
बता दें कि सेल प्रबंधन ने तमाम झुग्गी-झोपड़ियों क्षेत्र में सप्लाई पानी नल का प्वाइंट दिया है. जहां से लोग पानी भरते हैं. लेकिन झुग्गी-झोपड़ियों वाले क्षेत्रों में भी निरंतर बढ़ती आबादी और जनसंख्या का बोझ भी इस समस्या को बढ़ा रही है. किरीबुरु-मेघाहातुबुरु शहर में पानी आने का मुख्य स्रोत कारो नदी, घाघरथी कुमडीह झरना है. इसी का पानी मोटर के सहारे खिंच और फिल्टर कर सेल प्रबंधन दोनों शहरों में पेयजल आपूर्ति करती है. गर्मी के इस मौसम में उक्त नदी और झरने का जल स्तर में भी भारी कमी आई है. इससे भी समस्या बढ़ रही है. किरीबुरु-मेघाहातुबुरु शहर सबसे ऊंची पहाड़ी पर बसा है, जहां आज तक एक भी डीप बोरवेल सफल नहीं हो पाया है. जिस कारण भी यहां पानी की समस्या हमेशा गंभीर बनी रहती है. मेन मार्केट निवासी ताज मोहम्मद, मंगलाहाट निवासी यार मोहम्मद, प्रोस्पेक्टिंग निवासी राजकुमार गुप्ता आदि ने बताया की सेल प्रबंधन हमारे क्षेत्रों में पानी की समस्या को दूर कर सप्लाई का फ्लो बढ़ाएं. साथ ही दिन में दो बार या वर्तमान में जारी पानी सप्लाई की समय में वृद्धि करें ताकि कुछ हद तक समस्या दूर हो.
रिपोर्ट : संदीप गुप्ता, गुवा/चाईबासा
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