कोयलांचल मॉर्निंग अपडेट्स: एक नजर में पढ़िए कोयलांचल के अखबारों की क्या है हेडलाइंस


अगर सुबह की हड़बड़ाहट में नहीं पढ़ पाए हैं न्यूज़पेपर तो एक नजर में पढ़िए खास खबरें रविवार दिनांक 10 अप्रैल को कोयलांचल के कुछ प्रमुख अखबारों के हेडलाइंस इस प्रकार है-
1985-90 में बैक डोर से बहाल हुए 10,000 कर्मी ,अब कार्रवाई की तैयारी: संयुक्त बिहार में वर्ष पचासी नब्बे में बैक डोर से सरकारी विभागों में बहाल कर्मचारियों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी. स्वास्थ्य निदेशालय ने पत्र जारी कर ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अधीक्षक, एसएसएलएनटी अस्पताल, धनबाद के अधीक्षक इटकी आरोग्यशाला, इटकी निदेशक रिनपास कांके व सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी किया गया है .( प्रभात खबर)
सीआईएसएफ के साथ अनुबंध की समीक्षा करें बीसीसीएल: उपायुक्त संदीप सिंह ने कहा है कि बीसीसीएल सीआईएसएफ के साथ किए गए अनुबंध की समीक्षा करें. कोयला चोरी व अवैध खनन रोकने की पहली जिम्मेदारी कोयला कंपनियों की है. सीआईएसएफ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उपायुक्त ने कहा अवैध खनन व कोयला चोरी की घटना होने के बावजूद f.i.r. नहीं कराई जाती. उन्होंने नामित फॉर्मेट के मुताबिक एफ आई आर दर्ज कराने पर बल दिया. वह शनिवार को समाहरणालय में अवैध खनन व कोयला चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर बीसीसीएल व जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में बोल रहे थे. (प्रभात खबर)
आई आई टी आई एस एम के एक छात्र की हार्ट अटैक से मौत: आईआईटी आईएसएम एमटेक सेकंड ईयर के छात्र की मौत शनिवार तड़के हार्ड अटैक से इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई. उसे शुक्रवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जांच के दौरान छात्र के फेफड़े में इंफेक्शन भी मिला था. प्रारंभिक इलाज के बाद उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई और शनिवार की सुबह 3:00 बजे के करीब उसकी मृत्यु हो गई. छात्र का नाम शिंभू सिंह जपान था ,वह मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था. (प्रभात खबर)
पांच और अस्पताल जांच के दायरे में आए: आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में मरीजों के इलाज के नाम पर गड़बड़ी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा .एक ओर जहां राज्य के निर्देश पर जेपी अस्पताल की जांच चल रही है ,वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज करने वाले कई प्राइवेट अस्पताल जांच के घेरे में है. इन अस्पतालों की सूची में है भूईफोड स्थित नयनदीप, सराय ढेला स्थित श्रेष्ठ नेत्रालय, अशोक नगर स्थित एसजी हॉस्पिटल और धनबाद नर्सिंग होम हैं .इन अस्पतालों में मात्र 26 दिनों में आयुष्मान के सैकड़ों मरीजों का ऑपरेशन कर दिया गया है. (हिंदुस्तान)
बिल वसूलने में तेज ,बिजली देने में हाफ रहा विभाग: उपभोक्ताओं से बिल वसूलने में बिजली विभाग काफी तेज है, लेकिन वही विभाग बिजली देने में सुस्त पड़ जाता है. जिले में बिजली संकट से लोग परेशान हैं. हर दिन 6: 7 घंटे बिजली कट रही है . डीबीसी 3 घंटे और विभाग 4 घंटे तक की कटौती कर रहा है. विभाग का वसूली पर विशेष फोकस है .धनबाद डिवीजन क्षेत्र में वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हर दिन विभाग ने अभियान चलाकर 1 महीने में 1432 कनेक्शन काटे. इससे कोष में ढाई करोड़ रुपए से अधिक प्राप्त हुआ . (हिंदुस्तान)
मेडिकल की 100 सीट के लिए विश्वविद्यालय की टीम ने किया निरीक्षण: एमबीबीएस की 100 सीट पर संबद्धता के लिए शनिवार को बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की 3 सदस्य टीम ने एस एन एम एम सी एच का निरीक्षण किया. टीम में विश्वविद्यालय के डीन मेडिसिन सहSNMMCH के प्राचार्य डॉ ज्योति रंजन प्रसाद, डीन साइंस डॉ एसके सिन्हा और डीन एजुकेशन डा जेएन सिंह शामिल थे. निरीक्षण के दौरान टीम इस मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना से संतुष्ट दिखी. (हिंदुस्तान)
अंगी भूत कॉलेजों में डिजिटल बोर्ड के लिए 20 20 लाख रुपए स्वीकृत: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी अभिभूत कॉलेजों के लिए 20 20 लाख रुपए डिजिटल बोर्ड के लिए स्वीकृत किया गया है. इसके तहत बीबीएमके यू के अधीन संचालित 10 कॉलेजों के लिए दो करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया है. उक्त राशि से कॉलेजों में डिजिटल बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही बीबीएमके यू के अंतर्गत गोमिया विधानसभा में डिग्री स्तरीय कॉलेज की स्थापना के लिए 15 . 76करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 21 22 की चौथी किस्त के रूप म एक करोड़ का आवंटन दिया गया. (दैनिक भास्कर)
नल से दूर होता जा रहा जल: गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के चापाकाल का जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है. आलम यह है कि नल से जल दूर होने लगा है. ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन 70 चापाकल गर्मी की वजह से आंशिक रूप से खराब होकर बंद हो रहे हैं .पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल एक और दो के कंट्रोल रूम में गर्मी बड़ने के बाद से प्रतिदिन 70 चापाकल खराब होने व बंद होने की शिकायतें आ रही है. चापाकल उनकी मरम्मत के लिए यह 11 गैंग की टीम 10 प्रखंडों में लगी हुई है .प्रत्येक टीम कार्य दिवस के दिन औसतन 4 से 5 चापाकल की मरम्मत कर रही है. वैसे जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उसे जल स्तर और नीचे जाएगा .उस स्थिति में चापाकल और जवाब देने लगेंगे. (दैनिक भास्कर)
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
4+